Malmas 2026: शुरू हो चुका है मलमास, जानें इस दौरान क्या खाएं और क्या खाने से बचें
Malmas 2026: हिंदू धर्म में मलमास का विशेष महत्व है। वहीं 17 मई से मलमास शुरू हो चुका है। अब ऐसे में इस दौरान क्या खाएं और क्या खाने से बचें? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Malmas 2026: सनातन धर्म में मलमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। 17 मई से मलमास शुरू हो चुका है। जो 15 मई तक रहेगा। इस दौरान कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। अगर आप इस दौरान मुंडु, शादी, सगाई या फिर गृह प्रवेश करने की सोच रहे हैं तो अभी के लिए टाल दें। मलमास में भगवान विष्णु की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। इस दौरान तुलसी पूजा करने का भी विशेष महत्व है।
इसे अधिक मास भी कहा जाता है। यानी कि जो ज्येष्ठ का महीना है वह दो महीने तक रहने वाला है। अब ऐसे में इस मास में क्या खाना चाहिए और क्या खाने से बचना चाहिए? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
मलमास में क्या खाना चाहिए?
मलमास में पूरी तरह से हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। मलमास में गेहूं, चावल, जौ, मूंग की दाल और साबूदाना खाएं। सब्जियों में आप लौकी, तोरई, कद्दू (पेठा), परवल और कन्द-मूल जैसे आलू, शकरकंद खा सकते हैं। गाय का दूध, घी, दही और छाछ। मलमास में गाय के घी का सेवन विशेष रूप से शुभ और स्वास्थ्य के लिए शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप सेंधा नमक, जीरा, हल्दी और काली मिर्च मलमास में खा सकते हैं।
मलमास में क्या खाने से बचना चाहिए?
मलमास में मांस, मछली और अंडा खाना वर्जित माना गया है। इस महीने में लहसून और प्याज का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं और आयुर्वेद के अनुसार, इस अवधि में कुछ विशिष्ट दालों को पचाना मुश्किल होता है, इसलिए आप मसूर की दाल, उड़द की दाल, चने की दाल और मूंग की दाल का सेवन करने से बचें। मलमास में काले चने और राई खाना भी शुभ नहीं माना जाता है। बासी और जूठा भोजन करने से बचें। इस दौरान शहद के भी सेवन करने से बचना चाहिए।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।