Mahashivratri 2026 Rudraksha: महाशिवरात्रि के दिन पहनने जा रहे हैं रुद्राक्ष, इन नियमों का जरूर करें पालन

Mahashivratri 2026 Rudraksha: हिंदू धर्म में महाशविरात्रि को बेहद सौभाग्यशाली माना जाता है। इस दिन रुद्राक्ष पहनने का विधान है। आइए रुद्राक्ष पहनने के नियम के बारे में जानते हैं।

Mahashivratri 2026 Rudraksha
Mahashivratri 2026 Rudraksha | Image: Freepik

Mahashivratri 2026 Rudraksha:  महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जिसमें महादेव के अंश 'रुद्राक्ष' को धारण करना अत्यंत फलदायी होगा। मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई है। इसलिए रुद्राक्ष में साक्षात भगवान शिव का वास होता है।

हालांकि, रुद्राक्ष केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक सुरक्षा कवच है। इसे धारण करने से पहले शास्त्रों में बताए गए कुछ कड़े नियमों का पालन करना आवश्यक है, अन्यथा इसके लाभ की जगह नुकसान भी हो सकता है। आइए इसके नियम के बारे में जानते हैं।

महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष पहनने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • बाजार से रुद्राक्ष लाकर सीधे गले में न पहनें। महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष को पहले गंगाजल और कच्चे दूध से स्नान कराएं। इसके बाद 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करते हुए इसे शिव लिंग से स्पर्श कराएं। सिद्ध किया हुआ रुद्राक्ष ही सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
  • रुद्राक्ष को हमेशा लाल या पीले रेशमी धागे में धारण करना सबसे उत्तम माना जाता है। यदि आप इसे धातु में मढ़वाना चाहते हैं, तो चांदी या सोना सर्वश्रेष्ठ है। लोहे या काले धागे का प्रयोग करने से बचें।
  • शास्त्रों के अनुसार, रुद्राक्ष पहनकर श्मशान घाट या ऐसी जगह नहीं जाना चाहिए जहां किसी का जन्म हुआ हो । यदि जाना अनिवार्य हो, तो रुद्राक्ष उतारकर मंदिर में रख दें और वापस आकर स्नान के बाद ही इसे पुनः धारण करें।
  • रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को तामसिक भोजन यानी मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज का त्याग करना चाहिए। इसके साथ ही, आचरण में शुद्धता रखना और झूठ बोलने से बचना अनिवार्य है। यह नियम रुद्राक्ष की पवित्रता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।
  • रात को सोते समय रुद्राक्ष उतारकर अपने पूजा स्थान पर रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि सोते समय शरीर अशुद्ध हो सकता है और रुद्राक्ष के टूटने का डर भी रहता है। सुबह स्नान के बाद मंत्रोच्चार के साथ इसे फिर से पहनें।

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महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष पहनने का महत्व

रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से मानी गई है। महाशिवरात्रि के दिन इसे धारण करने से व्यक्ति का शिव तत्व से सीधा जुड़ाव होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन रुद्राक्ष पहनना अनंत गुना फल प्रदान करता है। यदि आपकी कुंडली में शनि, राहु या केतु जैसे ग्रहों का बुरा प्रभाव है तो महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष पहनने से लाभ हो सकता है। रुद्राक्ष पहनने से मानसिक शांति मिलती है।

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Published By :
Sujeet Kumar
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