अपडेटेड 11 February 2026 at 23:06 IST

Mahashivratri 2026 Belpatra: महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाएं? जानें सही तरीका

Mahashivratri 2026 Belpatra: महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा दिन है। शिव पुराण के अनुसार, भोलेनाथ को बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं, जिसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि बेलपत्र के तीन पत्ते 'त्रिगुण' यानी कि सत्व, रज, तम और महादेव के 'त्रिनेत्र' का प्रतीक हैं। अब ऐसे में अक्सर भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने में गलती कर देते हैं। आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाएं और सही तरीका क्या है?

Mahashivratri 2026 Belpatra
Mahashivratri 2026 | Image: Meta Ai

Mahashivratri 2026 Belpatra: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित है। यह महापर्व शिव-शक्ति का मिलन माना जाता है। वहीं इस साल 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की उपासना करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही परेशानियां दूर हो सकती हैं, लेकिन भक्त बेलपत्र चढ़ाने के दौरान कुछ गलतियां कर देते हैं। 

आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाएं और किन नियमों का पालन करें?

महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी 2026 को शाम 05:04 बजे से शुरू होगी और 16 फरवरी को शाम 05:34 बजे समाप्त होगी। चूंकि शिवरात्रि की पूजा रात्रि निशिता काल में होती है, इसलिए 15 फरवरी को ही व्रत और मुख्य पूजा की जाएगी। 16 फरवरी को रात 12 बजकर 09 मिनट से लेकर रात 01 बजकर 01 मिनट तक निशिता काल रहेगा। 

शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाएं?

शास्त्रों के अनुसार, बेलपत्र हमेशा ऑड संख्या में अर्पित करने चाहिए। आप शिवलिंग पर 3, 5, 7, 11, 21, 51 या 108 बेलपत्र चढ़ा सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि आप केवल 1 बेलपत्र भी चढ़ा सकते हैं, जिसमें 3 पत्तियां जुड़ी हो। यह 108 बेलपत्र के समान माना जाता है।

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बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका क्या है? 

  • बेलपत्र की तीन पत्तियां एक ही डंठल से जुड़ी होनी चाहिए। पत्ता कहीं से कटा-फटा, सूखा या छेद वाला नहीं होना चाहिए।
  • बेलपत्र का चिकना भाग नीचे की ओर शिवलिंग पर होना चाहिए। खुरदरा हिस्सा ऊपर की तरफ रखें।
  • अर्पित करने से पहले बेलपत्र के डंठल के आगे वाले मोटे हिस्से को तोड़ देना चाहिए।
  • बेलपत्र चढ़ाते समय आप ऊं नम:शिवाय मंत्र का जाप कर सकते हैं।

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शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती है और भाग्योदय हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 11 February 2026 at 23:06 IST