इन 4 लोगों ने देखा महाभारत का पूरा युद्ध, पर नहीं बन पाए हिस्सा, जानें क्यों..

Who watched Mahabharat war in Hindi? पूरा महाभारत किसने देखा था? इस प्रश्न का उत्तर जानते हैं इस लेख के माध्यम से..

Who watched Mahabharat war?
Who watched Mahabharat war? | Image: SOCIAL MEDIA

Who watched Mahabharat war? महाभारत काल में कौरव और पांडवों के बीच हुए युद्ध में न जानें कितने योद्धाओं ने भाग लिया। लेकिन कुछ ऐसी भी थे जो भाग नहीं ले पाए लेकिन उन्होंने पूरा युद्ध देखा था। जी हां, कहते हैं कि उन्होंने अर्जुन को श्री कृष्ण द्वारा मिला गीता ज्ञान भी सुना था। ऐसे में उनके बारे में पता होना जरूरी है। 

आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि महाभारत काल में ऐसे कौन से लोग थे, जिन्होंने न केवल पूरा युद्ध देखा बल्कि गीता का ज्ञान भी सुना। पढ़ते हैं आगे…

पूरा महाभारत किसने देखा था?

  • बता दें कि संजय को दिव्यदृष्टि मिली हुई थी। ऐसे में वह युद्ध क्षेत्र में होने वाले समस्त दृश्य को महल में बैठे ही देख सकते थे। चूंकि धृतराष्ट्र जन्म से ही नेत्रहीन थे इसलिए महाभारत युद्ध के बारे में प्रत्येक अंश धृतराष्ट्र को संजय द्वारा ही पता चला था। बता दें कि संजय को यह दिव्य दृष्टि व्यास मुनि द्वारा मिली थी। वहीं संजय राजसभा के सम्मानित मंत्रियों में से एक थे। 
  • संजय के अलावा दूसरे हनुमान जी थे। हनुमान जी श्री कृष्ण के आदेश पर कुरुक्षेत्र के युद्ध में उनके रथ पर सवार हो गए। यही कारण था कि भीष्म और कर्ण के प्रहार से उनका रथ सुरक्षित रहा। कहते हैं कि हनुमान जी ने रथ पर बैठकर न केवल युद्ध को देखा बल्कि पूरी गीता भी सुनाई। 
  • तीसरे व्यक्ति थे बर्बरीक, जिन्हें कलयुग में खाटू श्याम के नाम से भी जाना जाता है। यह कोई और नहीं बल्कि भीम के पुत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। यह बेहद ही शक्तिशाली और ताकतवर थे। अगर यह युद्ध में भाग लेते तो अवश्य जीतते लेकिन उन्होंने अपना शीश दान में दे दिया था। उनके बलिदान को देखकर श्री कृष्णा उनसे बेहद प्रसन्न हुए। जब बर्बरीक ने युद्ध देखने की इच्छा जताई तो श्री कृष्ण ने उनका कटा हुआ शीश एक पहाड़ पर स्थापित कर दिया। वहां से उन्होंने पूरा युद्ध देखा। कृष्ण ने कहा कि तुम संपूर्ण महाभारत युद्ध के गवाह बनोगे। 
  • चौथा जिसने युद्ध देखा है वो माता पार्वती के साथ कैलाश पर बैठे भगवान शिव थे। कहते हैं कि उन्होंने भी पूरा युद्ध देखा था।

ये भी पढ़ें - ऐसे बनाएंगे सरसों का साग तो दूर होगी कड़वाहट, जानें देसी औरतों का नुस्खा

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By :
Garima Garg
पब्लिश्ड