अपडेटेड 24 January 2026 at 22:36 IST
Suryadev Puja Niyam: सूर्यदेव की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां, हो सकता है भारी नुकसान
Raviwar ke Upay: रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। इस दिन सूर्यदेव की पूजा करने से व्यक्ति को मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि सूर्यदेव की पूजा में किन नियमों का पालन करना जरूरी है?
- धर्म और अध्यात्म
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Raviwar ke Upay: हिंदू धर्म में सूर्यदेव को 'प्रत्यक्ष देवता' माना गया है, यानी वे देवता जिन्हें हम साक्षात देख सकते हैं। सूर्य न केवल ऊर्जा के स्रोत हैं, बल्कि ज्योतिष शास्त्र में इन्हें मान-सम्मान, आरोग्य और सफलता का कारक माना जाता है। रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। अक्सर हम श्रद्धा भाव से सूर्य को जल अर्पित करते हैं या उनकी पूजा करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे शुभ फल मिलने के बजाय नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है।
आइए जानते हैं सूर्य देव की पूजा से जुड़े उन महत्वपूर्ण नियमों के बारे में जिनका पालन करना अनिवार्य है।
सूर्यदेव को जल अर्पित करने का सही नियम
सूर्यदेव को जल देने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय का होता है। सूर्य की लालिमा के समय जल देना सबसे अधिक फलदायी माना गया है। सुबह देर से जल देने पर पूजा का पूर्ण लाभ नहीं मिलता। यदि आप सुबह जल्दी नहीं उठ पाते, तो कम से कम सुबह 8 बजे से पहले यह कार्य संपन्न कर लें।
सूर्यदेव को प्लास्टिक या कांच के बर्तन में न दें जल
सूर्य देव को जल अर्पित करने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए। तांबा सूर्य की धातु है और इससे दी गई अर्घ्य देव को अत्यंत प्रिय है। भूलकर भी प्लास्टिक, कांच, चांदी या लोहे के बर्तनों का उपयोग न करें। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो सकती है।
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पैरों पर जल के छींटे न पड़ने दें
यह सबसे आम गलती है। जब हम सीधे जमीन पर जल अर्पित करते हैं, तो उसके छींटे हमारे पैरों पर पड़ते हैं, जो सूर्य देव का अपमान माना जाता है। जल देते समय नीचे कोई गमला या थाली रख लें। बाद में उस जल को किसी पौधे की जड़ में डाल दें।
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रविवार को न करें ये गलतियां
- यदि संभव हो तो रविवार के दिन नमक का सेवन न करें। इससे सूर्य मजबूत होता है।
- रविवार को तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए, अन्यथा मान-सम्मान में हानि हो सकती है।
- रविवार के दिन शरीर पर तेल की मालिश करना शास्त्रों में वर्जित बताया गया है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 24 January 2026 at 22:36 IST