Karwa Chauth 2026: सज गई छलनी, बस एक झलक का इंतजार... आसमान में कब चमकेगा करवा चौथ का चांद?
इस साल दिल्ली में करवा चौथ पर चांद रात 8:17 बजे निकलने की संभावना है। हालांकि, देश के अन्य राज्यों और शहरों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मुंबई, अहमदाबाद और जम्मू में चांद दिखने का समय अलग-अलग हो सकता है।
- धर्म और अध्यात्म
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भारतीय संस्कृति में करवा चौथ का व्रत सुहागनों के लिए सबसे खास और पवित्र पर्व माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अटूट दांपत्य जीवन की कामना के लिए सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला (बिना पानी के) व्रत रखती हैं। शाम के समय माता पार्वती, भगवान शिव, गणेश जी और करवा माता की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस पर्व को लेकर महिलाओं में गजब का उत्साह और उमंग देखने को मिलता है।
करवा चौथ 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ के पावन पर्व पर पूजा का विशेष महत्व होता है। इस साल करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक रहेगा। पूजा के दौरान करवा चौथ की व्रत कथा सुनने और पढ़ने की पुरानी परंपरा है, जिसे महिलाएं सामूहिक रूप से सुनती हैं। अलग-अलग शहरों और राज्यों में भौगोलिक स्थिति के कारण पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए पूजा करने से पहले अपने शहर का स्थानीय पंचांग या समय अवश्य जांच लें।
चंद्रोदय का समय जानें
करवा चौथ का यह पूरा व्रत चंद्रमा के दीदार के बिना अधूरा माना जाता है। राजधानी दिल्ली में इस साल रात 8:17 बजे चांद निकलने की संभावना है। हालांकि, भारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में चंद्रोदय का समय भिन्न होता है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मुंबई, अहमदाबाद, और जम्मू जैसे विभिन्न क्षेत्रों में चंद्रमा के निकलने के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय समयानुसार ही चांद का इंतजार करें।
विधि-विधान से करें पूजन
करवा चौथ के दिन शुभ मुहूर्त में मां गौरी, भगवान शिव, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करें। पूजा की थाली में गंगाजल, रोली, अक्षत, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य और पंचामृत शामिल करें। भगवान को फल और हलवा-पूरी का भोग लगाएं। पूजा के बाद घर की बड़ी बुजुर्ग महिलाओं या सास के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें सुहाग की सामग्री भेंट करें।
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व्रत खोलने और पारण की विधि
शाम को चंद्रमा के निकलने पर महिलाएं चलनी की ओट से पहले चांद का दीदार करती हैं और फिर उसी छन्नी से अपने पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद करवे से चंद्रमा को जल का अर्घ्य दिया जाता है। कई परिवारों में पति के हाथों जल ग्रहण करके ही इस कठिन निर्जला व्रत का पारण करने की सुंदर परंपरा है।
करवा चौथ की पौराणिक व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक साहूकार की सात भाइयों की इकलौती बहन वीरवती ने अपने सुहाग के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। शाम को जब उसकी तबीयत भूख-प्यास से बिगड़ने लगी, तो भाइयों से अपनी बहन की यह हालत देखी नहीं गई। भाइयों ने एक तरकीब निकाली और पेड़ की ओट में कृत्रिम रोशनी कर दी, जिसे वीरवती ने असली चांद समझ लिया।
दिल्ली: रात 8:17 बजे
नोएडा: रात 8:16 बजे
गुरुग्राम: रात 8:18 बजे
चंडीगढ़: रात 8:12 बजे
लखनऊ: रात 8:06 बजे
जयपुर: रात 8:28 बजे
कोलकाता: रात 7:47 बजे
पटना: रात 7:52 बजे
भोपाल: रात 8:31 बजे
इंदौर: रात 8:39 बजे
अहमदाबाद: रात 8:52 बजे
मुंबई: रात 9:00 बजे
पुणे: रात 8:58 बजे
हैदराबाद: रात 8:41 बजे
बेंगलुरु: रात 8:55 बजे
चेन्नई: रात 8:44 बजे
नागपुर: रात 8:29 बजे
रायपुर: रात 8:18 बजे
कानपुर: रात 8:05 बजे
जम्मू: रात 8:14 बजे
अमृतसर: रात 8:13 बजे
प्रयागराज: रात 8:06 बजे
गया: रात 7:55 बजे
हरिद्वार: रात 8:09 बजे
वडोदरा: रात 8:51 बजे
राजकोट: रात 9:01 बजे
कन्याकुमारी: रात 9:07 बजे