पलामू में इंसानियत शर्मसार... कुत्ते के मुंह में दिखा नवजात का शव, प्रशासन ने सील किया अस्पताल- VIDEO
पलामू के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में एक शर्मनाक घटना सामने आई, जहां एक कुत्ता मुंह में नवजात शिशु का शव दबाकर घूमता दिखा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। घटना का संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।
- भारत
- 2 min read
झारखंड के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर से एक बेहद झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ते के मुंह में नवजात का शव दबाकर घूमने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस अमानवीय घटना के बाद प्रशासनिक अमले ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया है।
कैसे खुला राज?
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे एमएमसीएच परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात के शव को अपने मुंह में दबाकर घूमता हुआ नजर आया। यह खौफनाक दृश्य वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। जैसे ही इसकी जानकारी अस्पताल पुलिस चौकी को मिली, पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मामले की गहनता से जांच शुरू की।
जांच-पड़ताल में यह खुलासा हुआ कि यह प्रसव एमएमसीएच के पास ही स्थित उत्तम हॉस्पिटल में हुआ था। जन्म के बाद नवजात के शव को सनसनीखेज तरीके से अस्पताल परिसर स्थित पोस्टमार्टम हाउस की ओर फेंक दिया गया था।
प्रशासन की कड़ी कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के सख्त निर्देशों पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इस पूरी जांच का नेतृत्व सदर एसडीओ संजय पांडेय कर रहे थे, जिनके साथ प्रशिक्षु आईएएस सह सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता भी मौजूद रहे। साक्ष्य मिटाने और लापरवाही के आरोपों के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड को सील कर दिया है।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका
प्रशासन अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि इलाज से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास तो नहीं किया गया था। इस अमानवीय घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यशैली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में इस घटना के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।