Holy Snan 2026: साल 2026 में होंगे कुल 5 प्रमुख स्नान, मौनी अमावस्या से लेकर गंगा दशहरा तक; नोट करें सभी की तारीख
Ganga Snan 2026: साल 2026 में कुल 5 प्रमुख पवित्र स्नान पड़ रहे हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से खास महत्व है। यदि आप आस्था और परंपरा के अनुसार पवित्र स्नान करना चाहते हैं, तो इन तिथियों को अभी से नोट कर लें।
- धर्म और अध्यात्म
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हिंदू धर्म में पवित्र स्नान का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शुभ तिथियों पर गंगा, यमुना, सरस्वती जैसी पवित्र नदियों या तीर्थ सरोवरों में स्नान करने से केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मन भी शुद्ध होता है। शास्त्रों के अनुसार, पवित्र स्नान से पापों का नाश, पुण्य की प्राप्ति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, माघ पूर्णिमा, गंगा दशहरा और कार्तिक पूर्णिमा ऐसी ही प्रमुख तिथियां हैं, जिनका सनातन धर्म में विशेष महत्व है। तो चलिए जानते हैं साल 2026 में पड़ने वाले 5 प्रमुख पवित्र स्नान और उनकी तारीखें।
मकर संक्रांति स्नान - 14 जनवरी 2026
मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन स्नान करने से तन और मन की शुद्धि होती है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम दिन माना जाता है।
मौनी अमावस्या स्नान - 18 जनवरी 2026
माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा जल अमृत के समान हो जाता है। गंगा में स्नान करने से पापों का नाश होता है। मौन रहकर स्नान और पूजा करने का विशेष महत्व है। इससे मोक्ष की प्राप्ति के योग बनते हैं।
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माघ पूर्णिमा स्नान - 1 फरवरी 2026
माघ पूर्णिमा का स्नान सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन स्नान के साथ दान करने से कई गुना पुण्य मिलता है। तिल, अन्न, वस्त्र, घी और कंबल का दान विशेष फलदायी होता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन बहुत शुभ माना जाता है।
गंगा दशहरा स्नान - 25 मई 2026
गंगा दशहरा ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। गंगा स्नान और पूजा से दस प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है। दान-पुण्य और जप-तप के लिए यह दिन बेहद खास है।
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कार्तिक पूर्णिमा स्नान - 24 नवंबर 2026
कार्तिक पूर्णिमा का स्नान पापों के नाश और आत्मिक शुद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। दीपदान और दान-पुण्य से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इसे देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है।
साल 2026 में कुल 5 प्रमुख पवित्र स्नान पड़ रहे हैं, जिनका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से खास महत्व है। यदि आप आस्था और परंपरा के अनुसार पवित्र स्नान करना चाहते हैं, तो इन तिथियों को अभी से नोट कर लें। सही समय पर किया गया स्नान, दान और पूजा जीवन में सकारात्मकता और शांति लेकर आता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।