अपडेटेड 11 February 2026 at 14:04 IST
Light Earthen Lamp: शाम को दीपक जलाने की है आदत, तो न करें ये गलतियां, जिंदगी के लिए पड़ सकती हैं भारी
Light Earthen Lamp: अगर आप भी शाम को दीपक जलाते हैं, तो कुछ बातें हैं जिन्हें हमेशा याद रखना चाहिए। नहीं तो इन गलतियों से आपको हो सकता है नुकसान।
- धर्म और अध्यात्म
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Light Earthen Lamp: अगर आप रोज शाम को घर में दीया जलाते हैं तो उससे जुड़े कुछ जरूरी नियमों को जानना बेहद जरूरी है। सनातन धर्म में सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास या घर की चौखट पर दीया जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है। लेकिन कई बार अनजाने में की गई छोटी गलतियां इसके शुभ प्रभाव को कम कर सकती हैं। ऐसे में दीया जलाने की सही विधि, समय और दिशा की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। आइए आपको बताते हैं सही तरीके के बारे में...
शाम के समय दीया जलाने का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में दीया जलाना ही शुभ माना जाता है। यह समय नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए सही माना जाता है। कहा जाता है कि रोजाना रूप से दीया जलाने से घर में आर्थिक स्थिरता आती है। इससे पारिवारिक माहौल शांत बना रहता है। हालांकि देर रात दीया जलाना नॉर्मल डेज में सही नहीं माना जाता है, कुछ तिथियों को छोड़ दे तो।
दीया जलाने से पहले साफ-सफाई का रखें ध्यान
जिस स्थान पर भी आप दीया जलाकर रख रहे हैं, वहां पर साफ-साफाई का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। गंदी जगह पर दीया जलाना अशुभ माना जाता है। इसलिए शाम को दीया जलाने से पहले उस स्थान को अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए। मान्यता है कि स्वच्छ स्थान पर जलाया गया दीपक ही शुभ ऊर्जा को आकर्षित करता है।
घी या तेल, किसका करें इस्तेमाल
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि दीया घी का जलाना चाहिए या तेल का। मान्यता के अनुसार घर के मंदिर में घी का दीपक जलाना शुभ होता है। वहीं तुलसी के पास या घर के बाहर सरसों या तिल के तेल का दीया जलाना ज्यादा फलदायी माना जाता है। अलग-अलग स्थान के अनुसार दीपक का प्रकार बदल सकता है।
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दीए की सही दिशा क्यों है जरूरी
वास्तु शास्त्र के अनुसार दीए की दिशा का विशेष महत्व होता है। दीपक को ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है। हालांकि अलग-अलग पूजा विधियों में दिशाएं बदल सकती हैं, लेकिन सामान्य रूप से ईशान कोण को सबसे पवित्र माना गया है। गलत दिशा में दीपक रखने से उसका पूर्ण शुभ प्रभाव नहीं मिल पाता।
इन छोटी बातों का भी रखें ध्यान
- दीया जलाते समय हाथ साफ होने चाहिए।
- गंदे हाथों से दीपक जलाना उचित नहीं माना जाता।
- इसके अलावा दीपक को कभी भी फूंक मारकर नहीं बुझाना चाहिए।
- साथ ही दीपक जलाने के तुरंत बाद दरवाजा बंद नहीं करना चाहिए।
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Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 11 February 2026 at 14:04 IST