देवउठनी एकादशी पर देव कैसे उठाएं?
Dev Uthani Ekadashi 2024: देवउठनी एकादशी पर 4 महीने के बाद देव उठते हैं और इसी दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाता है। जानते हैं इसके बारे में...
- धर्म और अध्यात्म
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Dev Uthani Ekadashi 2024: देवउठनी एकादशी पर जो महिलाएं व्रत रख रही हैं, उन्हें कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। बता दें कि कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी देव उठानी एकादशी कहलाती है। इस दिन को देवउठनी ग्यारस या देवोत्थान एकादशी आदि नाम से भी जाना जाता है। मानता है इस दिन देव चार महीने सोने के बाद जागते हैं। वहीं इसी दिन से मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं देव को उठाने का क्या तरीका है?
अगर नहीं, तो आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि देव को किस प्रकार उठाते हैं और देवउठनी एकादशी का पूजन किस प्रकार करते हैं। पढ़ते हैं आगे…
देवउठनी एकादशी पर कैसे देव उठाएं?
- महिलाएं सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान आदि करके भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं। अब चौक बनाएं और उस पर भगवान विष्णु के चरणों को अंकित करके उसे तेज धूप में ढक कर रख दें।
- अब रात्रि के वक्त विष्णु जी के स्रोत का पाठ करें तथा कथा आदि करके भजन करें।
- फिर घंटा, शंख, मृदंग, घड़े और घंटी से तेज आवाज करें और उन्हें बजाना शुरू कर दें।
- साथ ही बोलते हैं देव उठो, देव उठो, देव उठो। इसके अलावा यहां दिए गए मंत्र का उच्चारण करें।
उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये।
त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्॥
उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव।
गतामेघा वियच्चैव निर्मलं निर्मलादिशः॥
- पूजन के लिए सबसे पहले मंदिर को सजाकर उसमें देवोत्थान का चित्र बनाएं। साथ में सिंघाड़े, मूली, गन्ना आदि को चढ़ाकर ढक कर रख दें।
- अब दीपक जलाएं और भगवान विष्णु के सामने दीपक और कपूर से आरती करें।
- अब पंचामृत का प्रसाद वितरण करें।
- भगवान को रथ पर विराजित करके गलियों में भ्रमण करवाएं।
- कहते हैं कि जब वामन भगवान ने तीन पग भूमि मांगी और उसके बाद वह विदा हुए थे उस वक्त दैत्यराज बलि ने रथ में विराजित करके उन्हें चलाया था। ऐसा करने से भगवान नींद को त्याग कर सभी प्रकार की क्रियाओं में प्रवृत्त हो गए थे।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।