अपडेटेड 2 March 2026 at 23:56 IST

Chandra Grahan 2026 Sutak Kaal: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, जानें कितने बजे से शुरू होगा सूतक काल? बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट

Lunar Eclipse 2026 Timings: 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। सूतक काल का पालन, संयम और दान-पुण्य करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।

Chandra grahan 2026 sutak kaal timings rules visibility in india and other countries know all the details what to do or to avoid during lunar eclipse
चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल | Image: Freepik

Chandra Grahan 2026 All Details: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य रहेगा और धार्मिक नियमों का पालन किया जाएगा। इस दिन मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और नियमित पूजा-पाठ नहीं किया जाएगा।

चंद्र ग्रहण 2026 का पूरा समय (Chandra Grahan Timing)

  • छाया प्रवेश: दोपहर 2:14 बजे
  • ग्रहण स्पर्श: दोपहर 3:20 बजे
  • ग्रहण सम्मिलन: शाम 4:35 बजे
  • ग्रहण मध्यकाल: शाम 5:04 बजे
  • ग्रहण मोक्ष यानी समाप्ति: शाम 6:47 बजे

यह चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा।

सूतक काल कब से लगेगा?

इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले, यानी सुबह 6:20 बजे से शुरू हो जाएगा।

Advertisement
Uploaded image

सूतक काल में क्या रहेगा प्रतिबंध?

सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इसके अलावा पूजा-पाठ और आरती नहीं होगी। भगवान की मूर्ति का स्पर्श वर्जित रहेगा। साथ ही, स्नान, व्रत और शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे। हालांकि, इस दौरान घर पर भगवान का स्मरण, मंत्र जाप और दान-पुण्य किया जा सकता है।

ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए?

  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करें। 
  • घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें। 
  • इसके बाद नियमित पूजा-अर्चना शुरू करें।

कहां-कहां दिखाई देगा यह चंद्र ग्रहण?

यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है। भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा।

Advertisement

चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। इसका असर खासतौर पर मन और भावनाओं पर पड़ेगा। इस दौरान मानसिक बेचैनी, चिंता और फैसले लेने में भ्रम हो सकता है। इसलिए सलाह दी जाती है कि इस समय शांत रहें और बड़े निर्णय लेने से बचें।

ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?

  • ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करें और भगवान का स्मरण करें। 
  • जरूरतमंदों को दान दें और शांति बनाए रखें।
Uploaded image

ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?

  • घर से बाहर निकलने से बचें।
  • कोई जोखिम भरा या नया काम शुरू न करें।
  • भोजन पकाने या खाने से परहेज करें।

ग्रहण के दौरान दान के लिए शुभ वस्तुएं चावल, दूध, चीनी, सफेद वस्त्र, मोती आदि हैं।

3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। सूतक काल का पालन, संयम और दान-पुण्य करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। ऐसे में इस दिन नियमों का पालन कर शांति और श्रद्धा के साथ समय बिताना सबसे बेहतर माना जाता है।

यह जरूर पढ़ें: Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को लगेगा साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, नोट कर लें भारत में सूतक काल का समय, यहां पढ़ें पूरी डिटेल

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 2 March 2026 at 23:56 IST