अपडेटेड 1 March 2026 at 11:58 IST
Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को लगेगा साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण, नोट कर लें भारत में सूतक काल का समय, यहां पढ़ें पूरी डिटेल
Lunar Eclipse 2026: 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। चूंकि यह भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल का पालन जरूरी माना गया है। सही समय पर नियमों का पालन करके आप इस ग्रहण काल को शुभ बना सकते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह एक खण्डग्रास चंद्र ग्रहण होगा, जो सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। खास बात यह है कि इसी दिन होलिका दहन भी किया जाएगा, इसलिए इस ग्रहण का धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ जाता है।
यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य रहेगा। तो चलिए जानते हैं इस चंद्र ग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी।
चंद्र ग्रहण कब लगेगा?
भारतीय समय के अनुसार ग्रहण शुरू दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से लेकर समाप्त शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
चंद्र ग्रहण की कुल अवधि
इस चंद्र ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी।
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सूतक काल कब से लगेगा?
चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। ऐसे में सूतक शुरू सुबह 6 बजकर 20 मिनट, 3 मार्च लेकर ग्रहण खत्म होने के बाद तक रहेगा।
सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?
सूतक काल में शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
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- इस दौरान पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ न करें।
- मंदिरों के कपाट बंद रहते हैं।
- खाना पकाना और भोजन करना नहीं चाहिए।
- कोई नया काम शुरू न करें।
- शादी-विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य टालें।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
चंद्र ग्रहण का महत्व क्यों है?
ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति का कारक ग्रह है। इसलिए चंद्र ग्रहण का प्रभाव मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से व्यक्ति पर पड़ता है।
वैज्ञानिक दृष्टि से भी चंद्रमा पृथ्वी के जल तत्व और गुरुत्वाकर्षण को प्रभावित करता है, इसलिए ग्रहण के समय इसका असर प्रकृति और मानव जीवन पर देखने को मिलता है।
कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र और अमेरिका में दिखाई देगा। भारत में उत्तर-पूर्व और अंडमान-निकोबार के कुछ हिस्सों को छोड़कर ज्यादातर जगहों पर चंद्रोदय के समय ग्रहण नजर आएगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?
- “ॐ नमः शिवाय” या “गायत्री मंत्र” जैसे मंत्र जाप करें।
- मानसिक शांति बनाए रखें।
- ग्रहण के बाद स्नान करें।
- घर और पूजा स्थान की साफ-सफाई करें।
3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास है। चूंकि यह भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल का पालन जरूरी माना गया है। सही समय पर नियमों का पालन करके आप इस ग्रहण काल को शुभ बना सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 1 March 2026 at 11:58 IST