अपडेटेड 18 February 2026 at 09:13 IST

Chandra Grahan 2026: क्या ग्रहण के साये में मनेगी होली? जानें भारत में सूतक काल का समय और रंग खेलने का शुभ मुहूर्त

Lunar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होली पर लगने वाला है। ऐसे में अगर आप होली मनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस तारीख का ध्यान जरूर रखें, ताकि पर्व शुभ और मंगलमय बना रहे।

Chandra grahan 2026 on holi
चंद्र ग्रहण और होली 2026 | Image: Freepik

Chandra Grahan On Holi 2026 In Hindi:  साल 2026 की शुरुआत के साथ ही त्योहारों की तारीखों को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर होली 2026 को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वजह है 3 मार्च 2026 को लगने वाला साल का पहला चंद्रग्रहण, जो होलिका दहन और होली के ठीक आसपास पड़ रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस बार होली ग्रहण के साये में मनाई जाएगी या फिर इसकी तारीख बदलेगी?  तो चलिए जानते हैं क्या है पूरी जानकारी?

साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण

साल 2026 खगोलीय दृष्टि से काफी खास रहने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें दो सूर्यग्रहण और दो चंद्रग्रहण शामिल हैं। इनमें से 3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा। यही वजह है कि इसका असर होली के पर्व पर पड़ रहा है। यह चंद्रग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण होगा, यानी चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में आ जाएगा।

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खग्रास चंद्रग्रहण क्या होता है?

वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्रग्रहण तब लगता है, जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती। इससे चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है। चंद्रग्रहण तीन प्रकार के होते हैं। इसमें पहला पूर्ण चंद्रग्रहण, दूसरा आंशिक चंद्रग्रहण और तीसरा उपच्छाया चंद्रग्रहण है। इस बार पड़ने वाला ग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण है, जिसमें चंद्रमा का अधिकांश भाग ढक जाता है।

भारत समेत इन देशों में दिखेगा चंद्रग्रहण

यह खग्रास चंद्रग्रहण भारत के साथ-साथ पूरे एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत द्वीप समूह और उत्तर व दक्षिण अमेरिका में भी दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार चंद्रग्रहण का समय की शुरुआत दोपहर 3:20 बजे से लेकर शाम 6:47 बजे रहेगा। हालांकि भारत में चंद्रोदय शाम 5:59 बजे होगा, इसलिए यहां ग्रहण का अंतिम हिस्सा यानी मोक्ष काल ही दिखाई देगा।

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3 मार्च को क्यों नहीं खेल पाएंगे होली?

इस साल 2 मार्च 2026 को होलिका दहन है और इसके अगले दिन यानी 3 मार्च को रंग वाली होली मनाई जानी थी। लेकिन इसी दिन चंद्रग्रहण लगने के कारण सूतक काल भी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण और सूतक काल के दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है। इसमें पूजा-पाठ, त्योहार मनाना और रंग खेलना भी शामिल है। इसलिए 3 मार्च को होली खेलना शुभ नहीं माना जाएगा।

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सूतक काल कब से लगेगा?

ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले लग जाता है। ऐसे में सूतक काल की शुरुआत 3 मार्च की सुबह 6:20 बजे से लेकर ग्रहण समाप्ति शाम 6:47 बजे तक होगा। इस दौरान पूजा-पाठ, खाना बनाना और रंग खेलना वर्जित माना जाता है।

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होली 2026 कब खेली जाएगी?

ग्रहण और सूतक काल के कारण इस बार रंगों वाली होली 3 मार्च की बजाय 4 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। ऐसे में 2 मार्च 2026 को होलिका दहन और 4 मार्च 2026 को धुलेंडी यानी रंगों की होली मनाई जाएगी। इस साल चंद्रग्रहण के कारण होली की तारीख में बदलाव हुआ है। 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 3 मार्च को ग्रहण और सूतक काल होने की वजह से रंग खेलना शुभ नहीं है, इसलिए 4 मार्च 2026 को पूरे उत्साह और उमंग के साथ होली मनाई जाएगी।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 18 February 2026 at 09:13 IST