अपडेटेड 3 January 2026 at 15:31 IST

Chandra Grahan 2026: साल में कितनी बार दिखेगा 'सुपरमून'? जानें चंद्र ग्रहण की सही तिथि और सूतक काल का समय

सुपरमून कई बार दिखाई देगा, खासकर साल की शुरुआत और अंत में चांद का दिखाई देना बड़ा और चमकीला होगा, जो खगोलीय प्रेमियों के लिए शानदार दृश्य होगा।

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चंद्र ग्रहण 2026 कब है? | Image: Freepik

Chandra Grahan 2026 Kab Hai: आसमान में होने वाली खगोलीय घटनाएं हमेशा से ही लोगों को आकर्षित करती हैं। खासकर चंद्र ग्रहण और सुपरमून जैसे दृश्य तो हमें ब्रह्मांड की गहराइयों से जोड़ते हैं। साल 2026 भी ऐसे कई शानदार खगोलीय दृश्य लेकर आ रहा है। अंदर से देखें तो यह साल चांद और सूर्य से जुड़े अनेक दुर्लभ आकाशीय घटनाओं का साल है।

“सुपरमून” क्या होता है?

‘सुपरमून’ वह पूर्णिमा होती है जब चांद पृथ्वी के सबसे करीब होता है। इससे चांद बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। साल 2026 में ऐसे कई सुपरमून की घटनाएं भी होंगी, जिनमें चांद सामान्य से अधिक बड़ा दिखेगा।

आखिरकार, साल 2026 में कुल 13 पूर्ण चन्द देखने को मिलेंगे। आम तौर पर 12 ही होते हैं। ऐसे में साल में कई सुपरमून की संभावना बनती है, खासकर जनवरी, नवंबर और दिसंबर में चांद पृथ्वी के करीब रहेगा और चमकीला दिखेगा।

साल 2026 में चंद्र ग्रहण कब-कब होंगे?

साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण होंगे।

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पहला चंद्र ग्रहण

साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा। यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। यह भारत सहित एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका के कई हिस्सों में भी दिखाई देगा। चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में डूबेगा और कई जगह इसका रंग गहरा लाल दिखाई देगा, जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है।

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दूसरा चंद्र ग्रहण 

साल का दुसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।

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सूतक काल क्या होता है?

सूतक काल वह पवित्र समय होता है जब ग्रहण शुरू होने से पहले और बाद में शुभ कार्यों पर रोक लगती है। अगर ग्रहण भारत में दिखाई देता है, तभी सूतक काल को धार्मिक नियमों के अनुसार माना जाता है। 2026 में 3 मार्च का चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा, इसलिए उस दिन का सूतक काल मान्य माना जाएगा।

चंद्र ग्रहण का दिन कैसा होता है?

धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान ऊर्जा का प्रभाव बदलता है, इसलिए कई लोग पूजा और ध्यान करते हैं।ग्रहण के समय अक्सर लोग भोजन, दुआ-पूजा और ग्रहण-स्नान जैसे नियमों का पालन करते हैं ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। ग्रहण का असर जीवन और स्वास्थ्य पर अलग-अलग राशियों के अनुसार भिन्न हो सकता है।

साल 2026 में कुल 2 चंद्र ग्रहण होंगे, जिनमें 3 मार्च वाला ग्रहण भारत में साफ दिखेगा, जिसमें सूतक मान्य होगा। 28 अगस्त वाला ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा। सुपरमून कई बार दिखाई देगा, खासकर साल की शुरुआत और अंत में चांद का दिखाई देना बड़ा और चमकीला होगा, जो खगोलीय प्रेमियों के लिए शानदार दृश्य होगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 3 January 2026 at 15:31 IST