अपडेटेड 21 February 2026 at 08:37 IST
Chandra Grahan 2026 Mantras: चंद्र ग्रहण के दिन अशुभ प्रभावों से बचने के लिए करें इन मंत्रों का जाप, जानें सही नियम
Chandra Grahan 2026 Mantras: ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। अब ऐसे में इस दिन कुछ ऐसे मंत्र हैं, जिनका जाप करने से उत्तम परिणाम मिल सकते हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Chandra Grahan 2026 Mantras: हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के साथ-साथ एक विशेष आध्यात्मिक अवसर भी माना जाता है। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगने जा रहा है। यह एक 'पूर्ण चंद्र ग्रहण' होगा, जिसे भारत के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय राहु और केतु का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस नकारात्मकता से बचने के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष मंत्रों और नियमों के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। अब ऐसे में इस दौरान कुछ मंत्र हैं, जिनका जाप करने से लाभ हो सकता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए मंत्र जाप
ग्रहण काल में मंत्रों का मानसिक जाप करने से उनका फल कई हजार गुना बढ़ जाता है। साथ ही व्यक्ति को अशुभ प्रभावों से भी छुटकारा मिल सकता है।
चंद्र बीज मंत्र का जाप
यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या आपको मानसिक तनाव रहता है, तो इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का 21 बार जाप करें। इससे आपको उत्तम परिणाम मिल सकते हैं।
ऊं श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
महामृत्युंजय मंत्र का जाप
अगर आपको बार-बार स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो आप इस मंत्र का जाप विशेष रूप से करें। आपको लाभ हो सकता है।
ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
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गायत्री मंत्र का करें जाप
अगर आपको आत्मशुद्धि चाहिए तो आप इस मंत्र का जाप अवश्य करें। इससे आपको उत्तम परिणाम मिल सकते हैं।
ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
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भगवान शिव के मंत्र का करें जाप
अगर आप को किसी भी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो आप इस मंत्र का 21 बार जाप करें। इससे मानसिक परेशानियां दूर होंगी और भाग्योदय हो सकता है।
ऊं नमः शिवाय
चंद्रग्रहण के दिन मंत्रों का जाप करने के दौरान नियम
- चंद्रग्रहण शुरू होने से लगभग 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। सूतक काल में पूजा-पाठ वर्जित होता है, लेकिन मानसिक जाप और मंत्र साधना के लिए यह समय श्रेष्ठ माना जाता है।
- चंद्रग्रहण के दौरान जाप करते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है।
- ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान करना अनिवार्य माना जाता है। ग्रहण समाप्ति के बाद दोबारा स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करने चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 21 February 2026 at 08:37 IST