अपडेटेड 18 March 2026 at 08:15 IST

Chaitra Navratri 2026: अमावस्या, खरमास और पंचक के बीच कल से चैत्र नवरात्रि, क्या होगा घटस्थापना का शुभ मुहूर्त? जानें असर और पूजा से जुड़े नियम

Chaitra Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat: मां दुर्गा की पूजा सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। उनके आगे कोई भी दोष प्रभावी नहीं होता है। इसलिए श्रद्धा और साफ मन से पूजा करें, यही सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।

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चैत्र नवरात्रि 2026 घटस्थापना का शुभ मुहूर्त | Image: Freepik

Chaitra Navratri 2026 Maa Durga Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे हैं। यह नौ दिनों का पवित्र पर्व मां दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों को समर्पित होता है। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना यानी कलश स्थापना से होती है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है।

इस बार नवरात्रि की शुरुआत अमावस्या, खरमास और पंचक के बीच हो रही है, जिससे कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या इस दिन पूजा करना सही रहेगा या नहीं। तो चलिए जानते हैं क्या होगा अमावस्या, पंचक और खरमास का चैत्र नवरात्रि पर असर और जानेंगे घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा करने के जरूरी नियम-

कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि?

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च को ही मानी जाएगी।

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घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

  • सुबह का मुहूर्त: 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

इन समयों में कलश स्थापना करना सबसे शुभ माना जाएगा।

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अमावस्या, पंचक और खरमास का क्या असर रहेगा?

अमावस्या का घटस्थापना पर असर

18 मार्च से 19 मार्च सुबह 6:52 बजे तक अमावस्या रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा शुरू होगी, इसलिए पूजा 19 मार्च को ही की जाएगी।

पंचक का घटस्थापना पर असर

16 मार्च शाम से 21 मार्च तक पंचक रहेगा। लेकिन यह राज पंचक है, जिसे अशुभ नहीं माना जाता।

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खरमास का घटस्थापना पर असर

15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास रहेगा। इस दौरान शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ पर कोई रोक नहीं होती।

इन तीनों का प्रभाव नवरात्रि की पूजा या घटस्थापना पर नहीं पड़ेगा और आप शुभ मुहूर्त के अनुसार घटस्थापना कर सकते हैं।

क्या इस दिन घटस्थापना करना सही है?

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो अनुष्ठान किसी तय तिथि से जुड़े होते हैं जैसे नवरात्रि, उन पर पंचक, भद्रा या खरमास का कोई दोष नहीं लगता है। इसलिए आप बिना किसी डर या संकोच के 19 मार्च को ही घटस्थापना कर सकते हैं।

कैसे करें घटस्थापना? 

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। 
  • घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में पूजा स्थान तैयार करें। 
  • चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर रखें। 
  • मिट्टी के बर्तन में जौ बोएं। 
  • एक कलश में जल भरकर उसमें सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें। 
  • आम या अशोक के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल रखें। 
  • कलश को मां के पास स्थापित करें और पूजा शुरू करें।

क्यों खास है घटस्थापना?

  • घर में सुख-शांति और समृद्धि लाती है। 
  • सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करती है। 
  • परिवार में प्रेम और एकता मजबूत होती है।

मां दुर्गा की पूजा सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। उनके आगे कोई भी दोष प्रभावी नहीं होता है। इसलिए श्रद्धा और साफ मन से पूजा करें, यही सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 18 March 2026 at 08:15 IST