अपडेटेड 25 March 2026 at 07:54 IST

Chaitra Navratri 2026 Day 7: आज 7वें दिन, भय और रोग दूर करने के लिए करें मां कालरात्रि की उपासना, जानें पूजा के सही नियम

Maa Kalratri Ki Puja: नवरात्रि का सातवां दिन आत्मबल और साहस बढ़ाने का दिन माना जाता है। मां कालरात्रि की पूजा से न केवल भय दूर होता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है।

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मां कालरात्रि की पूजा | Image: Freepik

Chaitra Navratri 2026 Maa Kalratri Ki Puja: चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। मां दुर्गा का यह रूप भले ही उग्र और भयावह दिखता है, लेकिन अपने भक्तों के लिए यह बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। इसलिए इन्हें “शुभंकरी” भी कहा जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन के डर, बाधाएं और बीमारियां दूर हो जाती हैं।

मां कालरात्रि का स्वरूप और महत्व

मां कालरात्रि का रंग काला होता है और उनके बाल खुले हुए रहते हैं। वे गधे की सवारी करती हैं। उनके चार हाथ होते हैं। इसमें एक में तलवार यानी खड्ग, दूसरे में लोहे का कांटा और बाकी दो हाथों से वे भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
उनका यह रूप बुराई और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक है। मां की कृपा से जीवन में साहस, आत्मविश्वास और शक्ति का संचार होता है।

मां कालरात्रि को क्या भोग लगाएं

मां कालरात्रि को गुड़ से बनी चीजें बहुत प्रिय होती हैं। आप उन्हें गुड़ का हलवा, गुड़ की खीर और मालपुआ भोग लगा सकते हैं। भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटें और जरूरतमंदों को दान भी करें। इससे मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

कैसे करें मां कालरात्रि की पूजा?

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  • सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें। इस दिन लाल, पीला या सफेद रंग शुभ माना जाता है। 
  • पूजा स्थान को साफ करके मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। 
  • घी का दीपक जलाएं और लाल फूल अर्पित करें। 
  • मां को गुड़ का भोग लगाएं। 
  • खासकर रात या मध्यरात्रि में पूजा करना अधिक फलदायी माना जाता है। 
  • पूजा के बाद प्रसाद बांटें और दान करें।
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ध्यान रखें, इस दिन काले कपड़े पहनने से बचें।

मां कालरात्रि के मंत्र और उपाय

पूजा के समय मंत्र जप करना बहुत शुभ माना जाता है।

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ॐ क्रीं चामुंडायै विच्चे 

इस मंत्र का 108 बार जप करें। साथ ही, हर मंत्र के साथ एक लौंग अर्पित करें। अंत में इन लौंग को अग्नि में समर्पित करें

इस उपाय को करने से शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है और जीवन में शांति आती है।

अन्य प्रमुख मंत्र

ॐ कालरात्र्यै नमः

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

या देवी सर्वभूतेषु कालरात्रि रूपेण संस्थिता… नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः

नवरात्रि का सातवां दिन आत्मबल और साहस बढ़ाने का दिन माना जाता है। मां कालरात्रि की पूजा से न केवल भय दूर होता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है। अगर आप सच्चे मन से मां की उपासना करते हैं, तो हर संकट से बाहर निकलने की शक्ति मिलती है।
 

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 25 March 2026 at 07:54 IST