अपडेटेड 23 March 2026 at 08:12 IST
Chaitra Navratri 2026 Day 5: आज 5वें दिन, संतान प्राप्ति के लिए करें मां स्कंदमाता की पूजा; यहां जानें पूजा नियम
Maa Skandamata Ki Puja: नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता की कृपा पाने का उत्तम अवसर है। अगर आप संतान सुख, पारिवारिक खुशियां या मन की शांति चाहते हैं, तो आज पूरे विधि-विधान से मां की पूजा जरूर करें।
- धर्म और अध्यात्म
- 2 min read

Chaitra Navratri 2026 Maa Skandamata Puja Vidhi In Hindi: चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च 2026 से हुई है, और आज पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जा रही है। यह दिन खासतौर पर संतान सुख, परिवार की खुशहाली और मनोकामना पूर्ति के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
मां स्कंदमाता कौन हैं?
मां स्कंदमाता, भगवान कार्तिकेय यानी स्कंद की माता हैं। इन्हें मातृत्व, प्रेम और करुणा का प्रतीक माना जाता है। जो भक्त सच्चे मन से इनकी पूजा करता है, उसकी संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
मां स्कंदमाता का दिव्य स्वरूप
मां का स्वरूप बेहद शांत और सौम्य होता है। मां स्कंदमाता की चार भुजाएं होती हैं। दो हाथों में कमल पुष्प लिए होते हैं। एक हाथ में बाल रूप में भगवान कार्तिकेय बैठे हैं। चौथा हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में होता है और इनका वाहन सिंह होता है। कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है।
मां स्कंदमाता पूजा विधि
- आज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- मां स्कंदमाता की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- फूल, अक्षत, रोली अर्पित करें।
- पंचामृत से भोग लगाएं।
- खासतौर पर केले का भोग जरूर लगाएं।
- दीप जलाकर मंत्रों का जप करें।
- अंत में आरती करें।
पूजा श्रद्धा और शांत मन से करें, तभी मां की कृपा प्राप्त होती है।
Advertisement
मां को प्रिय फूल
मां स्कंदमाता को कमल का फूल बेहद प्रिय है। इसलिए आज के दिन कमल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
मंत्र जाप
ध्यान मंत्र:
Advertisement
वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा स्कन्दमाता यशस्वनीम्॥
मुख्य मंत्र:
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
क्या है इस दिन का महत्व?
- संतान प्राप्ति के लिए विशेष दिन होता है।
- संतान से जुड़े कष्टों से मुक्ति मिलती है।
- परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- मां की कृपा से जीवन में सकारात्मक बदलाव होते हैं।
नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता की कृपा पाने का उत्तम अवसर है। अगर आप संतान सुख, पारिवारिक खुशियां या मन की शांति चाहते हैं, तो आज पूरे विधि-विधान से मां की पूजा जरूर करें। सच्ची श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा कभी व्यर्थ नहीं जाती।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 08:12 IST