अपडेटेड 22 March 2026 at 07:54 IST
Chaitra Navratri 2026 Day 4: नवरात्रि के चौथे दिन करें मां कूष्मांडा की पूजा, जानें सही विधि, नियम और मंत्र जाप
Maa Kushmanda Ki Puja: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां की कृपा पाने का विशेष अवसर होता है। यदि आप सच्चे मन और श्रद्धा से पूजा करते हैं, तो मां कूष्मांडा आपके जीवन में खुशियां और समृद्धि जरूर लाती हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है और आज इसका चौथा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपनी हल्की सी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी।
इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति, ऊर्जा और समृद्धि आती है। तो चलिए जानते हैं पूजा की सही विधि, नियम और मंत्र।
मां कूष्मांडा का स्वरूप
मां कूष्मांडा का रूप बहुत तेजस्वी और दिव्य माना जाता है। उनका रंग सोने की तरह चमकदार होता है। वे सिंह पर सवार रहती हैं, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है।
उनकी आठ भुजाएं होती हैं, इसलिए उन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। उनके हाथों में कमंडल, धनुष-बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र, गदा और जपमाला होती है। मां का यह रूप सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है।
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मां कूष्मांडा की पूजा की आसान विधि
चौथे दिन की पूजा आप इस तरह आसानी से कर सकते हैं।
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। आज के दिन हरा रंग शुभ माना जाता है।
- घर के मंदिर या पूजा स्थान को साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें।
- मां कूष्मांडा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें।
- मां को कुमकुम, अक्षत और फूल चढ़ाएं। पीले या लाल फूल बेहतर माने जाते हैं।
- फल और मिठाई का भोग लगाएं।
- अंत में मंत्र जाप और आरती करें।
पूजा करते समय मन शांत रखें और पूरी श्रद्धा से मां का ध्यान करें।
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मां कूष्मांडा का प्रिय भोग
इस दिन मां को मीठा भोग चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। मालपुआ सबसे प्रिय होता है। इसके अलावा खीर, हलवा, ताजे फल और दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पंचामृत का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इनका भोग लगाने से मां प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।
मंत्र जाप
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करें।
“ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः”
इस मंत्र का 108 बार जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है।
पूजा का महत्व
मां कूष्मांडा की पूजा करने से जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता बढ़ती है। स्वास्थ्य बेहतर होता है। इसके अलावा आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। साथ ही, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होती हैं।
चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां की कृपा पाने का विशेष अवसर होता है। यदि आप सच्चे मन और श्रद्धा से पूजा करते हैं, तो मां कूष्मांडा आपके जीवन में खुशियां और समृद्धि जरूर लाती हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 22 March 2026 at 07:54 IST