अपडेटेड 5 March 2026 at 16:00 IST
Chaitra Navratri 2026: 19 या 20 मार्च... कब से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि? जानें सहतारीख और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
Chaitra Navratri 2026 Start Date: अगर आप भी मां दुर्गा की कृपा पाना चाहते हैं, तो पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ नवरात्रि का व्रत और पूजा करें। इसके लिए आपको कुछ नियमों का पालन सच्चे मन से करना होगा।
- धर्म और अध्यात्म
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Navratri March 2026: मां दुर्गा के भक्तों के लिए चैत्र नवरात्रि का पर्व बेहद खास होता है। इस दौरान नौ दिनों तक मां के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत को लेकर लोगों के मन में सवाल है कि यह 19 मार्च से शुरू होंगे या 20 मार्च से? आइए आसान भाषा में पूरी जानकारी जानते हैं।
चैत्र नवरात्रि 2026 कब से शुरू होंगे?
वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे से शुरू होग। अगले दिन यानी 20 मार्च 2026 को सुबह 04:52 बजे समाप्त होगी।
उदयातिथि के अनुसार ही व्रत और पर्व मनाए जाते हैं, इसलिए चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026, गुरुवार से शुरू होंगे। नवरात्रि का समापन 27 मार्च 2026 को रामनवमी के दिन होगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। इस साल दो शुभ मुहूर्त रहेंगे।
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पहला शुभ मुहूर्त:
19 मार्च 2026, सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त:
19 मार्च 2026, दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
इनमें से किसी भी शुभ समय में आप विधि-विधान से कलश स्थापना कर सकते हैं।
नवरात्रि का महत्व
चैत्र नवरात्रि का आरंभ हिंदू नववर्ष के साथ भी जुड़ा होता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों, शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक की पूजा की जाती है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं। देवी को अलग-अलग भोग अर्पित करते हैं। साथ ही, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। इसके अलावा अष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन किया जाता है। कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उन्हें भोजन और उपहार देकर आशीर्वाद लिया जाता है।
घटस्थापना और पूजा विधि
- सुबह स्नान करके स्वच्छ कपड़े पहनें।
- पूजा स्थान को साफ करके लाल वस्त्र बिछाएं।
- मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- मिट्टी के पात्र में जौ बोएं।
- जल से भरे कलश में सिक्का, सुपारी और अक्षत डालें।
- कलश के ऊपर नारियल रखें और अशोक के पत्ते लगाएं।
- कलश को देवी की चौकी के पास स्थापित करें।
- पास में अखंड ज्योति जलाएं। अगर संभव न हो तो रोज दीपक जलाएं)।
- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप करें।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ और अंत में आरती करें।
अष्टमी और महानवमी का महत्व
नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन को सबसे शुभ माना जाता है। इन दिनों विशेष पूजा और कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। भक्त मानते हैं कि सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
साल 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होगी और समापन 27 मार्च को रामनवमी के साथ होगा। घटस्थापना का शुभ समय सुबह और अभिजीत मुहूर्त में रहेगा। अगर आप भी मां दुर्गा की कृपा पाना चाहते हैं, तो पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ नवरात्रि का व्रत और पूजा करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 5 March 2026 at 16:00 IST