Bhojshala Temple : भोजशाला में किस देवी की होती है पूजा? जानिए क्या है वाग्देवी का महत्व

Bhojshala Temple : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक 'भोजशाला' भारतीय ज्ञान, संस्कृति और आस्था का एक अनूठा केंद्र है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसे विद्या, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का अत्यंत प्राचीन और पवित्र मंदिर माना जाता है।

Bhojshala Temple
Bhojshala Temple | Image: ANI

Bhojshala Temple : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला इन दिनों देश भर में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। लंबे समय से चले आ रहे कानूनी और धार्मिक विवाद पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए इस प्राचीन स्थल को 'वाग्देवी मंदिर' माना है। यह फैसला इस धरोहर के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को एक बार फिर रेखांकित करता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्या है भोजशाला का इतिहास, कौन हैं मां वाग्देवी और क्यों यह स्थल इतना खास है।

कौन हैं मां वाग्देवी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां वाग्देवी कोई और नहीं बल्कि साक्षात देवी सरस्वती का ही एक दिव्य स्वरूप हैं। इन्हें ज्ञान, वाणी, संगीत, कला और अभिव्यक्ति की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है. शास्त्रों में मां वाग्देवी के स्वरूप को अत्यंत शांत, सौम्य और अलौकिक बताया गया है. वे श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और पवित्र कमल के आसन पर विराजमान होती हैं। 

उनका यह रूप मनुष्य के भीतर अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान और बुद्धि का प्रकाश फैलाने का प्रतीक है।'वाग्देवी' शब्द यानी कि वाक अर्थात वाणी या शब्द और देवी यानी कि दिव्य शक्ति। इस प्रकार वाग्देवी का सीधा अर्थ वाणी की देवी।

मां वाग्देवी का कल्याणकारी मंत्र

यदि आप भी विद्या और वाणी में सिद्धि चाहते हैं, तो शास्त्रों में मां वाग्देवी की आराधना के लिए एक बेहद प्रभावशाली मंत्र बताया गया है। ऊं ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः। माना जाता है कि इस मंत्र के नियमित और श्रद्धापूर्वक जाप से एकाग्रता बढ़ती है, वाणी में मधुरता आती है और बुद्धि तेजी होती है। 

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आपको बता दें, माघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना का महापर्व, वसंत पंचमी मनाया जाता है। इस विशेष दिन पर देशभर के विद्यार्थी, शिक्षक और कलाकार मां वाग्देवी से आशीर्वाद मांगते हैं। साथ ही, ऐतिहासिक भोजशाला में भी इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए जाते हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By:
 Aarya Pandey
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