Aja Ekadashi 2025 Date: 18 या 19 अगस्त अजा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
Aja Ekadashi 2025 Date: हिंदू धर्म में अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति को मनोवांछित फलों की प्राप्ति हो सकती है। अब ऐसे में इस साल अजा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Aja Ekadashi 2025 Date: सनातन धर्म में अजा एकादशी का व्रत सुख-सौभाग्य का कारक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को सभी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। वहीं अजा एकादशी का व्रत मोक्ष का कारक माना जाता है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन की सभी कठिनाईयां दूर हो सकती है। इस दिन कई तरह के ज्योतिष उपाय किए जाते हैं। जो व्यक्ति को कार्यक्षेत्र और आर्थिक लाभ मिल सकता है। अब ऐसे में इस साल अजा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा? अजा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
19 या 20 अगस्त अजा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन अजा एकादशी व्रत रखने विधान है। यह व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है। अजा एकादशी तिथि का आरंभ 18 अगस्त को शाम 05 बजकर 22 मिनट से लेकर अगले दिन दोपहर 03 बजकर 32 मिनट तक है। इसलिए उदया तिथि के हिसाब से अजा एकादशी का व्रत 19 अगस्त को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विशेष विधान है।
अजा एकादशी की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
अजा एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 09 बजकर 08 मिनट से लेकर दोपहर 02 बजकर 02 मिनट तक है। इसके अलावा इस दिन विजय और गोधूलि मुहूर्त भी है। इस दौरान आप विधिवत रूप से भगवान विष्णु की पूजा कर सकते हैं।
- विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 11 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 02 मिनट तक
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- गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 30 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 52 मिनट तक
अजा एकादशी की पूजा का महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही विष्णु लोक की प्राप्ति हो सकती है।