अपडेटेड 17 February 2026 at 20:32 IST
Agni Panchak 2026: सूर्य ग्रहण के दिन लगा अग्नि पंचक, जानें किन कामों से 5 दिन तक करें परहेज
Agni Panchak 2026: 17 फरवरी को सुर्य ग्रहण खत्म होने के बाद अग्नी पंचक शुरू हो गए हैं। आइए आपको बताते हैं कि अगले पांच दिनों तक कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए और कौन से नए काम नहीं शुरू करने चाहिए।
- धर्म और अध्यात्म
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Panchak 2026: 17 फरवरी से अग्नि पंचक की शुरुआत हो चुकी है। इस बार इसे सूर्य ग्रहण और फाल्गुन अमावस्या के दिन होने से इसे अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक के पांच दिन सावधानी और संयम के साथ बिताने चाहिए। मंगलवार से शुरू होने के कारण इसे अग्नि पंचक कहा जाता है, जिसमें विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। आइए आपको बताते हैं कि अगले पांच दिनों तक कौन-कौन सी सावधानियां बरतने की जरूर है।
पंचक कब और क्यों लगता है
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में गोचर करता है, तब पंचक लगता है। इसकी अवधि पांच दिनों की होती है और इस समय को संवेदनशील काल माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए कुछ कार्य अपेक्षित शुभ फल नहीं देते। इस बार सूर्य ग्रहण के साथ पंचक की शुरुआत होने से इसकी प्रभावशीलता और अधिक मानी जा रही है।
अग्नि पंचक में किन बातों का रखें ध्यान
मंगलवार से आरंभ होने के कारण इसे अग्नि पंचक कहा जाता है। इस अवधि में आगजनी, दुर्घटना, विवाद और मानसिक तनाव की आशंका अधिक मानी जाती है। ज्योतिष के अनुसार पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा टालनी चाहिए क्योंकि इससे हानि की संभावना रहती है।
इन नए काम शुरू करने से बचें
घर निर्माण, छत डलवाने जैसे कामों को भी इस समय नहीं कराने चाहिए, इससे कलह और बाधाएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा मशीनरी से जुड़े काम और व्यापार में बड़े निवेश से भी बचने की सलाह दी जाती है। सावधानी, धैर्य और सतर्कता के साथ इन पांच दिनों को पार करना ही शुभ माना गया है।
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Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 17 February 2026 at 20:32 IST