अपडेटेड 17 February 2026 at 19:20 IST
Surya Grahan 2026: दुनिया के इन देशों में नजर आया सूर्य ग्रहण, इसके खत्म होने पर क्या-क्या करना जरूरी?
Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा है। आइए आपको बताते हैं इसके खतम होने के बाद के उपाय।
- धर्म और अध्यात्म
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Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगा है, जिसकी कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट रही है। यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू हुआ और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर समाप्त हुआ है। भारत में यह ग्रहण प्रभावी नहीं है, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं था और मंदिरों के कपाट भी बंद नहीं हुए। हालांकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का प्रभाव राशियों और विश्व घटनाओं पर पड़ता है।
किन देशों में नजर आया सूर्य ग्रहण
यह आंशिक सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, चिली, दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना, जिम्बॉब्वे, मेडागास्कर, मॉरीशस, तंजानिया और ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र समेत कई देशों में देखा गया । अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में इसका स्पष्ट दृश्य देखने को मिला।
ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें
ग्रहण खत्म होने के बाद घर की साफ सफाई करना शुभ माना जाता है । स्वयं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें । मूर्तियों को साफ कर फूल माला अर्पित करें और धूप दीप जलाएं । तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाकर उसकी पत्तियां भोजन में डालना भी शुभ माना जाता है । जरूरतमंदों को दान करना सकारात्मक फल देने वाला माना गया है।
ग्रहण का विश्व पर संभावित प्रभाव
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़ और समुद्री हलचल की आशंका बढ़ सकती है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तनाव, आंदोलन, हड़ताल या आर्थिक उतार चढ़ाव के संकेत माने जाते हैं। हालांकि इन दावों का वैज्ञानिक आधार सीमित है, लेकिन आस्था के स्तर पर लोग इसे गंभीरता से लेते हैं।
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किन राशियों को सावधान रहने की सलाह
ज्योतिष गणना के अनुसार वृश्चिक राशि वालों को आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गलत निर्णय आर्थिक संकट ला सकता है और पारिवारिक तनाव बढ़ सकता है। वहीं मकर राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और मानसिक चिड़चिड़ेपन से बचने की जरूरत है। इस दौरान धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी बताया गया है।
पूजा विधि और मंत्र
ग्रहण के बाद भगवान गणेश का स्मरण कर पूजा प्रारंभ करनी चाहिए। इसके बाद सूर्यदेव को जल अर्पित कर उनकी आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें । मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 17 February 2026 at 19:20 IST