EXCLUSIVE/ रिपब्लिक ने इस समिट के लिए नए कॉन्सेप्ट पर काम किया, इसके लिए धन्यवाद, लेकिन मेरा भी एक स्वार्थ है- PM मोदी ने ऐसा क्यों कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि जब देश का युवा नेशनल डिस्कोर्स में इंवॉल्व होता है तो विचारों में नवीनता आती है। वह पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा भर देता है।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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PM Modi in Republic Planery Summit 2025: रिपब्लिक प्लेनरी समिट में चीफ गेस्ट बनकर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के साथ बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने बताया, अर्नब गोस्वामी की ऊंची आवाज से आप तो जरूर थक गए होंगे। अभी चुनाव का मौसम नहीं है सबसे पहले तो मैं रिपब्लिक टीवी को उसके अभिनव प्रयोग के लिए बहुत बधाई देता हूं। आप लोग युवाओं को ग्रासरूट लेवल पर इंवॉल्व करके इतना बड़ा कंपटीशन कर कर यहां लाए हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि जब देश का युवा नेशनल डिस्कोर्स में इंवॉल्व होता है तो विचारों में नवीनता आती है। वह पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा भर देता है और यही ऊर्जा इस समय हम या महसूस भी कर रहे हैं। एक तरह से युवाओं के इंवॉल्वमेंट से हम हर बंधन को पर कर जाते हैं। सीमाओं के पार चले जाते हैं फिर भी कोई भी लक्ष्य ऐसा नहीं है जिसे पाया ना जा सके। कोई मंजिल ऐसी नहीं रहती जिस तक पहुंचना जा सके। रिपब्लिक टीवी ने इस समिट के लिए एक नए कांसेप्ट पर काम किया मैं सबमिट की सफलता के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और आपका अभिनंदन करता हूं।
पीएम मोदी ने बताया अपना स्वार्थ
इसमें मेरा भी थोड़ा सा स्वार्थ है एक तो मैं पिछले दिनों से लगा हूं कि मुझे एक लाख नौजवानों को राजनीति में लाना है और वह 100000 कैसे जो उनकी फैमिली में फर्स्ट टाइमर हो एक प्रकार से ऐसे इवेंट जो मेरा मकसद है उसका ग्राउंड बता रहे हैं दूसरा मेरा व्यक्तिगत लाभ है व्यक्तिगत लाभ यह है 29 में जो वोट करने जाएंगे। आज जो लोग 18 साल के हुए हैं उनको पता ही नहीं है कि 2014 से पहले अखबारों की हेडलाइन क्या हुआ करती थी। उसे पता ही नहीं है 10-10 और 12-12 लाख करोड़ रुपए के घोटाले हुआ करते थे। उसे पता ही नहीं है वह जब 29 में वोट करने जाएगा तो उसके सामने कंपैरिजन के लिए कुछ नहीं होगा। इसलिए मुझे उसे कसौटी से पर होना है और यह जो ग्राउंड बन रहा है उसे पक्का कर देना है।
ये भारत की सदी हैः पीएम मोदी
साथियों आज पूरी दुनिया का रही है यह भारत की सदी है, भारत की उपलब्धियां ने भारत की सफलताओं ने पूरे विश्व में एक नई उम्मीद जगाई है जिस भारत के बारे में कहा जाता था यह खुद भी डूबेगा और हमें भी ले डूबेगा वह भारत आज दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव कर रहा है। भारत के फ्यूचर की दिशा क्या है? यह हमारे आज के कामों से दिनों से पता चलता है आजादी के 65 साल बाद भी भारत दुनिया की 11 नंबर की 11वीं इकोनामी थी बीते दशक में हम दुनिया की पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बने और अब उतनी ही तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। साथियों मैं आपको 18 साल पहले की भी याद दिलाता हूं। यह 18 साल का खास कारण है क्योंकि जो लोग 18 साल की उम्र के हुए हैं जो पहली बार वोटर बन रहे हैं उनको 18 साल के पहले का पता नहीं है इसलिए मैंने वह आंकड़ा लिया है।