पीएम मोदी ने 51,000 युवाओं को दिए सरकारी नौकरी के जॉइनिंग लेटर, कहा- 'विकसित भारत' बनाने में आप लोगों की भूमिका सबसे अहम
पीएम मोदी ने 19वें रोजगार मेले में 51,000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए। पीएम मोदी ने कहा कि, हम 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करेंगे। उन्होंने बताया कि 5 देशों की यात्रा में अहम पार्टनरशिप हुई है। जानें और क्या कुछ कहा? पढ़ें पूरी खबर।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
- 3 min read

PM Modi Job Fair: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 19वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 51,000 से ज्यादा युवाओं को अलग-अलग सरकारी विभागों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज का दिन देश के हजारों युवाओं के लिए बेहद खास है।
पीएम मोदी ने नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि, 'आप सभी देश की विकास यात्रा में अहम भागीदार बन रहे हैं। रेलवे, बैंकिंग, डिफेंस, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में आप नई जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने में आप महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।'
मैं चाहता हूं देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले- PM
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- 'भारत भी दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। इसका उद्देश्य यही है कि भारत के युवाओं को अवसर मिले, रोजगार मिले, उनका सामर्थ्य खिल उठे। साथ ही साथ मैं चाहता हूं कि देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले।'
PM मोदी ने 5 देशों की यात्रा का जिक्र किया
प्रधानमंत्री ने अपने हाल ही में संपन्न 5 देशों के दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान कई अहम समझौते हुए। दुनिया भर की बड़ी कंपनियों के लीडर्स से मुलाकात में एक बात साफ हुई कि पूरी दुनिया भारत के विकास से जुड़ना चाहती है।
Advertisement
नई पार्टनरशिप नए अवसर के दरवाजे खोल रही है- PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 'आज स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, हरित हाइड्रोजन और टिकाऊ विनिर्माण से जुड़े क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इनसे जुड़ी पार्टनरशिप एक नई अर्थव्यवस्था के, नए अवसर के दरवाजे खोल रही है। स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ ग्रीन ट्रांजिशन और टिकाऊ प्रौद्योगिकी में भी सहयोग बढ़ रहा है। ये भारत को स्वच्छ विनिर्माण से जुड़ी भविष्य के उद्योगों में मजबूत करेगा...यूएई और नॉर्वे के साथ पार्टनरशिप से भारत का जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। यानी, भारत के इंजीनियर्स, टेक्निशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए इतनी मांग बढ़ने वाली है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं।'