'मन की बात' में PM मोदी ने दीवाली-छठ पूजा का किया जिक्र, त्योहारों में स्वदेशी उत्पादों को महत्व देने पर की सराहना
PM Modi Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में रोशनी का त्योहार दीवाली और बिहार और पूर्वांचल के महापर्व छठ पूजा का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि देश में कितना बदलाव आया है कि लोग अब वोकल फॉर लोकल को महत्व देने लगे हैं।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिये आज एक बार फिर लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश में आए बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने स्वच्छता अभियान, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने जैसे विषयों की ओर ध्यान दिलाया।
पीएम मोदी ने 'मन की बात' के 139वें एपिसोड में कहा, 'बदलाव की एक झलक हम अपने त्योहारों में भी देखते हैं। कुछ ही दिन बाद दीवाली और छठ का पावन पर्व आने वाला है। इसके लिए जगह-जगह साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। यह जरूरी है कि हम जहां रहते हैं वहां की स्वच्छता का ध्यान रखें। हमारे छोटे-छोटे प्रयास ही हमारे आसपास बड़ा बदलाव ला सकते हैं।'
स्वदेशी उत्पादों की खरीद पर भारतीयों की सराहना
उन्होंने कहा, 'त्योहारों के इस मौसम में आप सभी ने अपने आसपास एक बदलाव महसूस किया होगा। अब लोग खरीदारी करते समय स्वदेशी उत्पादों को बहुत महत्व देने लगे हैं। 'वोकल फॉर लोकल' की यह भावना अब हमारे उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचा रही है। बिहार के पूर्णिया का मखाना ग्रीस पहुंच रहा है। कर्नाटक के कलबुर्गी की अरहर दाल मालदीव जा रही है। यानी भारत के किसानों के लिए दुनिया में नए बाजार खुल रहे हैं।'
पीएम मोदी ने पैकेजिंग की ओर दिलाया ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'लोकल उत्पादों की चर्चा करते हुए एक ओर विषय की तरफ आपका ध्यान ले जाना चाहता हूं। किसी भी उत्पाद की क्वालिटी के साथ, उसकी पैकेजिंग भी बहुत मायने रखती है। कई बार हम बाजार में कोई चीज देखते हैं, तो उसकी अच्छी पैकेजिंग देखकर ही हाथ में उठाते हैं। पैकेजिंग देखने के बाद ही उसके बारे में जानना चाहते हैं। इसी बात को समझते हुए अब पैकेजिंग पर भी जोर दिया जा रहा है।'
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आदिवासी पैकेजिंग को मिला प्रतिष्ठित जापानी अवॉर्ड
पीएम मोदी ने बताया कि महाराष्ट्र में आदिवासी समुदायों ने अपने बनाए उत्पादों की पैकेजिंग पर बहुत फोकस किया है। यहां शबरी नेचुरल्स के जरिये शहद, महुआ, चिरौंजी और बांस से बने उत्पाद बाजार में लाए जा रहे हैं। इनकी पैकेजिंग पर आदिवासी कला की छाप है। इस पैकेजिंग को जापान का प्रतिष्ठित 'गुड डिजाइन अवॉर्ड' मिला है। हमारे युवा भी उस क्षेत्र में नए प्रयोग कर रहे हैं।