'वास्तव में वही जीता है जो दूसरों के लिए...', मैसूर में स्वामी विवेकानंद को लेकर PM मोदी ने कही बड़ी बात; 'विवेक स्मारक' का किया उद्घाटन
'विवेक स्मारक' को लेकर पीएम मोदी ने कहा, स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणा थी शिव ज्ञाने, जीव सेवा, यानी जीव की सेवा ही शिव की सेवा है। हमें इस स्मारक में ऐसे युवाओं को घड़ना है, जिनके लिए समाज और राष्ट्र के हित सर्वोपरि हो।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कर्नाटक के मैसूर में स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर, विवेक स्मारक का उद्घाटन किया। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के शिवकुमार के साथ, स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर 'विवेक स्मारक' के परिसर में एक पौधा लगाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्मारक युवाओं में 'नेशन फर्स्ट' की भावना जगाएगा।
'विवेक स्मारक' को लेकर पीएम मोदी ने कहा, स्वामी विवेकानंद जी की प्रेरणा थी शिव ज्ञाने, जीव सेवा, यानी जीव की सेवा ही शिव की सेवा है। हमें इस स्मारक में ऐसे युवाओं को घड़ना है, जिनके लिए समाज और राष्ट्र के हित, गरीब और वंचित के दुःख आने सुख-दुःख से ऊपर हो। जिन युवाओं के लिए राष्ट्र प्रथम ही सर्वोपरि मंत्र हो, मां भारती की सेवा ही जिनका जीवन लक्ष्य हो।
'विवेक स्मारक' को लेकर पीएम ने क्या कहा?
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "श्री रामकृष्ण आश्रम और स्वामी विवेकानंद की स्मृतियां भी मैसूर की विरासत का एक समृद्ध हिस्सा हैं। स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र यानी 'विवेक स्मारक' के उद्घाटन के जरिए हम इस मिशन को एक नया विस्तार दे रहे हैं इसके लिए मैं श्री रामकृष्ण आश्रम और इससे जुड़े सभी विद्वानों को हार्दिक बधाई देता हूं।"
वास्तव में वही जीता है जो दूसरों के लिए जीता है-PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "करीब 130 वर्ष पहले स्वामी विवेकानंद एक युवा सन्यासी के रूप में भ्रमण करते हुए मैसूर आए थे तब उनकी प्रसिद्धि वैसी नहीं थी लेकिन विचार उतने ही ऊंचे थे। उनमें से एक प्रमुख नाम मैसूर के तत्कालीन महाराजा का भी था। जब स्वामी विवेकानंद अमेरिका में थे तब उन्होंने वहां से मैसूर के तत्कालीन महाराजा को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने स्वयं महाराजा के सहयोग का उल्लेख किया था। स्वामी विवेकानंद ने शास्त्रों को आत्मसात किया था जो कहते हैं कि वास्तव में वही जीता है जो दूसरों के लिए जीता है।"
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भारत की युवा शक्ति की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेज गति से आगे बढ़ रही है। ये सब भारत के युवाओं के सामर्थ्य की वजह से ही हो रहा है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। वो भी भारत के युवाओं के सामर्थ्य से। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाईल फोन निर्माता बन चुका है।
विवेक स्मारक की खासियत
बता दें कि विवेक स्मारक स्वामी विवेकानंद की भारत यात्रा के दौरान नवंबर 1892 में मैसूरु की ऐतिहासिक यात्रा स्मृति में बनाया गया है। यह स्मारक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को भी मदद करेगा। साथ ही, भारतीय ज्ञान प्रणाली और चरित्र निर्माण पर स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित व्यवहार में उत्कृष्टता और क्षमता निर्माण पर एक सामान्य कोर्स भी होगा।