'हम 26/11 के मुंबई हमले भूले नहीं हैं', इजरायल की संसद से PM मोदी ने पाकिस्तान को दिखाई आंख; पढ़िए संबोधन की 10 बड़ी बातें
PM मोदी ने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के बर्बर आतंकवादी हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा, “हम आपका दर्द महसूस करते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं।”
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे इजरायल दौरे पर वहां की संसद नेसेट को संबोधित किया। इसी के साथ इजरायली संसद को संबोधित करने वाले वो पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने आतंकवाद पर करारा प्रहार बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस की एक जैसी और बिना किसी समझौते वाली पॉलिसी है, जिसमें कोई दोहरा रवैया नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें 26/11 के मुंबई हमले आज भी याद हैं।
आतंकवाद पर क्या बोले प्रधानमंत्री?
PM मोदी ने कहा, "आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार और मिलकर दुनिया भर में कार्रवाई करने की जरूरत है, क्योंकि कहीं भी होने वाला आतंक हर जगह शांति के लिए खतरा है। इसीलिए भारत उन सभी कोशिशों का समर्थन करता है जो टिकाऊ शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देती हैं।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद को कोई भी सही नहीं ठहरा सकता। भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 के मुंबई हमले और उसमें मारे गए बेगुनाह लोगों की जान याद है, जिसमें इजरायली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस की एक जैसी और बिना किसी समझौते वाली पॉलिसी है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है।
'भारत गाजा शांति पहल का समर्थन करता है'
नेसेट में PM मोदी ने कहा, “गाजा शांति पहल, जिसे UN सिक्योरिटी काउंसिल ने मंजूरी दी थी, एक रास्ता देती है। भारत ने इस पहल के लिए अपना पक्का समर्थन जताया है। हमारा मानना है कि इसमें इस इलाके के सभी लोगों के लिए सही और टिकाऊ शांति का वादा है, जिसमें फिलिस्तीनी मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है। हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चले। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है।”
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PM मोदी ने 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के बर्बर आतंकवादी हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा, “हम आपका दर्द महसूस करते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं।” PM मोदी ने इजरायली संसद को बताया, “भारत इस समय पूरे विश्वास के साथ इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है।”
10 बड़ी बातें
- PM मोदी ने कहा कि मैं अपने साथ 1.4 अरब भारतीयों की शुभकामनाएं और दोस्ती, सम्मान और साझेदारी का संदेश लाया हूं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनका जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ था, उसी दिन भारत ने औपचारिक रूप से इजरायल को मान्यता दी थी।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर और एक पुरानी सभ्यता के प्रतिनिधि के तौर पर दूसरी सभ्यता से बात करते हुए, इस प्रतिष्ठित सदन के सामने खड़े होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है।
- PM मोदी ने कहा कि यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी जुल्म या भेदभाव के डर के रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय समाज में पूरी तरह से हिस्सा लेते हुए अपने धर्म को बचाए रखा है, जो देश की सबको साथ लेकर चलने वाली परंपराओं को दिखाता है।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत आपके और दुनिया के साथ बातचीत के लिए शामिल है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल के सालों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था रहा है और जल्द ही दुनिया की टॉप तीन इकॉनमी में शामिल हो जाएगा।
- “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” पाने वाले PM मोदी ने कहा, “यह सम्मान किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि भारत और इजरायल के बीच हमेशा रहने वाली दोस्ती को दिया गया सम्मान है।”
- पीएम मोदी ने कहा, “गुजरात के नवानगर के महाराजा, जिन्हें जाम साहेब के नाम से भी जाना जाता है, ने पोलैंड के बच्चों को शरण दी, जिसमें यहूदी बच्चे भी शामिल थे, जिनके पास जाने के लिए और कोई जगह नहीं थी।”
- इससे पहले नेतन्याहू ने भाषण में कहा, “ऐसी दुनिया में जहां यहूदी-विरोध बढ़ रहा है, भारत सबसे अलग दिखता है। एक ऐसी सभ्यता जहां यहूदियों को सरकार ने कभी परेशान नहीं किया, बल्कि उनका स्वागत किया। हम यह भी नहीं भूलते। धन्यवाद, भारत।”
- नेतन्याहू ने कहा, "PM मोदी ने इजरायल का साथ दिया, कभी कोई बहाना नहीं बनाया। मैं इसके लिए PM मोदी को धन्यवाद देता हूं।”