भूंकप आया तो हमने वेनेजुएला की दूरी नहीं देखी, भारत जब मदद करता है तो पार्सपोर्ट नहीं देखता, इसलिए दुनिया भी हम पर विश्वास करती है- PM मोदी
जून 2026 में वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही हुई, जिसमें हजारों लोगों की जान गई। भारत ने इस त्रासदी को अपनी पीड़ा समझा। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा दल भेजा गया। भारत ने स्पष्ट किया कि मदद करते समय पासपोर्ट या राष्ट्रीयता नहीं देखी जाती। यह निस्वार्थ सहायता दुनिया में भारत की छवि को और मजबूत करती है।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
- 2 min read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के 3 दिन के दौरे पर हैं। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए जून में वेनेजुएला में आए भयंकर भूंकप का कहा कि हमने प्राकृतिक आपदा में मदद करते हुए दूरी नहीं देखी। भारत जब मदद करता है तो पार्सपोर्ट नहीं देखता, इसलिए दुनिया भी हम पर विश्वास करती है।
वेनेजुएला में आई इल भयंकर प्राकृतिक आपदा ने झकझोर दिया था। 24 जून को उत्तर वेनेजुएला में दो शक्तिशाली भूकंप 7.2 और 7.5 तीव्रता के मात्र 39 सेकंड के अंतराल में आए। यह देश का पिछले 125 सालों का सबसे भयंकर भूकंप था।
उत्तर के कई इलाकों, खासकर ला गुएरा, काराकास और आसपास के राज्यों में भारी तबाही मच गई। इमारतें धराशायी हो गईं, सड़कें टूट गईं, अस्पताल और स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए। हजारों लोगों की जानें चली गईं, हजारों घायल हुए और लाखों लोग बेघर हो गए।
भारत सरकार का ऑपरेशन अमिस्ताद
इस दुखद घड़ी में भारत ने वेनेजुएला की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत हर संभव मदद के लिए तैयार है। भारत ने दूरी, राजनीति या किसी भी तरह की शर्त नहीं देखी। भारत सरकार ने ऑपरेशन अमिस्ताद शुरू किया। दो भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमानों ने 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और आवश्यक सामान लेकर उड़ान भरी। भारतीय सेना की एक फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और बचाव दल भी तैनात किया गया। मदद जितनी तेजी से संभव था, उतनी तेजी से भेजी गई।
Advertisement
"भारत पासपोर्ट नहीं देखता"
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में इस आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि "भारत जब मदद करता है, तो पासपोर्ट नहीं देखता, पासपोर्ट का रंग नहीं देखता। दुनिया भर में भारत की इसी नीति की वजह से लोग और देश भारत पर भरोसा करते हैं। भारत की विदेश नीति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है पर आधारित है। चाहे कोई देश कितना भी दूर हो, कितनी भी मुश्किल स्थिति में हो, भारत मानवीय मदद के लिए हमेशा आगे आता है।"
पीएम मोदी ने कहा कि यह मदद न तो किसी राजनीतिक लाभ के लिए है, न ही किसी शर्त के साथ। यह शुद्ध मानवता का भाव है। भारत ने साबित किया कि आपदा के समय राष्ट्रीयता, रंग या पासपोर्ट मायने नहीं रखते – सिर्फ इंसानियत मायने रखती है।