अपडेटेड 2 January 2026 at 14:43 IST
कौन हैं Suresh Kumar? जिन्होंने 70 की उम्र में गंभीर बीमारी को मात देकर चलाई 702 KM साइकिल, PM मोदी ने बांधे तारीफों के पुल
70 साल के BJP विधायक सुरेश कुमार ने चिकनगुनिया से उबरकर 702 किमी साइकिल चलाई। PM मोदी ने फोन कर बधाई दी। फिटनेस और इच्छाशक्ति का प्रेरक संदेश दिया।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
- 2 min read

Suresh Kumar Cycling: एस. सुरेश कुमार कर्नाटक की राजनीति का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 70 साल की उम्र में एक गंभीर बीमारी से जंग जीतकर कमाल कर दिखाया। एस. सुरेश कुमार ने बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक 702 किलोमीटर की साइकिल यात्रा सिर्फ 5 दिनों में पूरी कर डाली। खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि की जमकर तारीफ की और खुद फोन कर बधाई दी।
सुरेश कुमार कौन हैं?
एस. सुरेश कुमार का कर्नाटक राजनीति में बड़ा नाम है। वे राजाजीनगर विधानसभा क्षेत्र से 6 बार विधायक चुने जा चुके हैं। 1994, 1999, 2008, 2013, 2018 और 2023 में वह MLA बनें।
पेशे से वकील रहे सुरेश कुमार ने बीएससी और एलएलबी की पढ़ाई भी की है। बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे और आपातकाल में जेल भी गए। वे कर्नाटक सरकार में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री, कानून-संसदीय कार्य मंत्री और शहरी विकास मंत्री जैसे अहम पद संभाल चुके हैं। शिक्षा सुधारों में उनकी भूमिका को लोग आज भी याद करते हैं।
हिम्मत दिखाते हुए चलाई साइकिल
अगस्त 2024 में सुरेश कुमार चिकनगुनिया एन्सेफेलोपैथी (एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल जटिलता) की चपेट में आए। इस बीमारी ने उन्हें महीनों बिस्तर पर रखा, उंगलियां हिलाना भी मुश्किल हो गया था। लेकिन इलाज और मेहनत से मार्च 2025 से उन्होंने दोबारा साइकिल चलाना शुरू किया। साइकिलिंग ने उन्हें शारीरिक ताकत और आत्मविश्वास दोनों लौटाए।
Advertisement
कैसे शुरू की साइकिल यात्रा
सुरेश कुमार ने 23 दिसंबर 2025 को ‘राजाजीनगर पेडल पावर’ बैनर तले 12 युवाओं के साथ यात्रा शुरू की। पांच दिनों में 702 किमी तय कर 27 दिसंबर को कन्याकुमारी पहुंचे। यह उनकी दूसरी ऐसी यात्रा थी। इससे पहले भी वह साइकिल यात्रा कर चुके हैं।
पीएम मोदी की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट शेयर कर लिखा- 'श्री एस. सुरेश कुमार जी का बेंगलुरु से कन्याकुमारी तक साइकिल चलाने का काम तारीफ के काबिल और प्रेरणा देने वाला है। यह बात कि उन्होंने सेहत से जुड़ी दिक्कतों से उबरने के बाद यह किया, उनके हिम्मत और पक्के इरादे को दिखाता है। यह फिटनेस का एक जरूरी मैसेज भी देता है। उनसे बात की और उनकी कोशिश के लिए उन्हें बधाई दी।'
Advertisement
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 2 January 2026 at 14:43 IST