PM मोदी ने एक नई योजना लॉन्च करने का किया ऐलान, क्या है प्रधान मंत्री सूर्योदय योजना, क्यों है अहम?
Pradhanmantri Suryoday Yojana: अयोध्या से लौटने के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर एक नई योजना लॉन्च करने की जानकारी दी है।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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PM Narendra Modi News: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या से लौटते ही एक नई योजना लॉन्च करने का ऐलान किया है। इस योजना का नाम है- प्रधान मंत्री सूर्योदय योजना। हालांकि, ये पहली योजना नहीं है जो सरकार ने रूफटॉप सोलर पावर सिस्टम के इंस्टालेशन को प्रमोट करने के लिए शुरू किया हो। इससे पहले साल 2014 में भी सरकार ने रूफटॉप सोलर प्रोग्राम लॉन्च किया था।
आपको बता दें कि 2014 में सरकार ने इस योजना को लेकर जो टारगेट सेट किया था, वो पूरा नहीं किया जा सका। ऐसे में सरकार की ये नई योजना एक और प्रयास है, जो 40 गीगाबाइट रूफटॉप सोलर क्षमता के टारगेट को हासिल करने में मदद कर सकती है।
क्या है प्रधान मंत्री सूर्योदय योजना?
यह एक ऐसी योजना है, जिसमें आवासीय उपभोक्ताओं के लिए छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करना शामिल होगा। आपको बता दें कि ऊर्जा मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, दिसंबर 2023 तक भारत में सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 73.31 गीगावाट तक पहुंच गई है। इस बीच दिसंबर 2023 तक रूफटॉप पर सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 11.08 गीगावाट है। वहीं, इस वक्त रूफटॉप सोलर क्षमता में गुजरात 2.8 गीगावाट के साथ टॉप पर है और महाराष्ट्र 1.7 गीगावाट के साथ दूसरे नंबर पर है।
बता दें कि अयोध्या से लौटते ही पीएम मोदी ने एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा- 'सूर्यवंशी भगवान श्री राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं। आज अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ कि भारतवासियों के घर की छत पर उनका अपना सोलर रूफ टॉप सिस्टम हो। अयोध्या से लौटने के बाद मैंने पहला निर्णय लिया है कि हमारी सरकार 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने के लक्ष्य के साथ “प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना” प्रारंभ करेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग का बिजली बिल तो कम होगा ही, साथ ही भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेगा।'
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क्या है रूफटॉप सोलर प्रोग्राम?
2014 में सरकार ने साल 2022 तक 40,000 मेगावाट या 40 गीगावाट की कुल स्थापित क्षमता प्राप्त करने के लक्ष्य के साथ रूफटॉप सौर कार्यक्रम शुरू किया। हालांकि, इसके लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सका, जिसके बाद इस प्रोग्राम की डेडलाइन को आगे बढ़ाया गया और बताया गया कि कार्यक्रम का लक्ष्य मार्च 2026 तक रूफटॉप पर सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता को 40 गीगावाट तक बढ़ाना है और यह वर्तमान में अपने दूसरे चरण में है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के माध्यम से 1 करोड़ परिवारों को रूफटॉप पर सौर ऊर्जा तक पहुंच प्रदान की जाएगी। यह योजना गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों को उनके बिजली बिल कम करने में मदद करने के लिए है।
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PM मोदी क्यों दे रहे हैं सोलर एनर्जी पर जोर?
वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक बाय द इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के अनुसार, संभावना जताई जा रही है कि अगले 30 सालों में भारत की एनर्जी डिमांड में किसी भी देश से ज्यादा ग्रोथ हो सकती है। ऐसे में सिर्फ कोयले के प्लांट्स के जरिए इस डिमांड को पूरा नहीं किया जा सकता। इसके कारण ये जरूरी है कि भारत अपनी सोलर क्षमता बढ़ाए।