'विकसित भारत के लिए 'मातृ शक्ति' जरूरी, हमारा संकल्प है कि चुनाव में महिलाओं...', महिला आरक्षण बिल पर बोले PM मोदी, बताया कानून कितना जरूरी
महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी ने अपने लेख को लेकर कहा, "मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस लेख को पढ़ें और दूसरों को भी इसे पढ़ने के लिए प्रेरित करें।" इस लेख में पीएम ने बताया है कि ये कानून क्यों जरूरी है।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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महिला आरक्षण बिल को लेकर देश में इन दिनों हर तरफ चर्चा हो रही है। संसद से लेकर सड़क तक बिल पर बहस हो रही है। सरकार ने 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन की विशेष बैठक बुलाई है। इस दौरान सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की संभावना है। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने एक लेख के माध्यम देश को ये बताने की कोशिश की है कि आखिर महिला आरक्षण बिल इतना जरूरी क्यों है?
महिला आरक्षण बिल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत ने यह संकल्प लिया है कि 2047 तक, जब हम अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेंगे, तब तक हमें 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल कर लेना है। लेकिन पिछले ढाई दशकों से सरकार के मुखिया के तौर पर अपने अनुभव से मैं यह कह सकता हूं कि अगर हम 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं, तो हमें राष्ट्र के विकास में अपनी 'मातृ शक्ति', अपनी 'नारी शक्ति' की पूरी ताकत को शामिल करना होगा।
PM मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने आगे कहा, "हर कोई चाहता है कि 2029 के लोकसभा चुनावों में, हमारे देश की 'नारी शक्ति' को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में जन प्रतिनिधियों के तौर पर 33% प्रतिनिधित्व मिले। पिछले कुछ दिनों में, हमने सभी राजनीतिक दलों से बातचीत की है। ज़्यादातर दलों ने अपना समर्थन दिखाया है। एक बहुत ही सकारात्मक माहौल नजर आ रहा है। इन मुद्दों पर, मैंने आज अखबारों में एक लेख लिखा है, जिसमें मैंने अपने विचार साझा किए हैं। "
बिल पर पीएम मोदी का लेख
अपनी विशेष लेख के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा,"मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस लेख को पढ़ें और दूसरों को भी इसे पढ़ने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, सभी राजनीतिक दलों को भी प्रेरित और प्रोत्साहित करें, ताकि 16, 17 और 18 (अप्रैल) को, जब हम संसद में मिलें, तो हम इसे पारित करें और मिलकर इसका जश्न मनाएं।"
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संसद में बिल पर चर्चा
पीएम मोदी ने सभी दलों के सांसदों से नारीशक्ति के लिए इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने कहा, हम जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प के साथ इस दायित्व को पूरा करें। आइए, हम अपने लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं के अनुरूप इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।