अल्दाबरा कछुओं से मिले, बॉटनिकल गार्डन में पेड़ लगाया... 11 साल बाद सेशेल्स पहुंचे PM मोदी, क्यों खास है ये दौरा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने के मौके पर तीन दिन के दौरे पर सेशेल्स पहुंचे हैं।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे होने के मौके पर तीन दिन के दौरे पर सेशेल्स पहुंचे हैं। 2015 के बाद इस द्विपीय देश की उनकी यह पहली यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत ने अपना 'महासागर' (MAHASAGAR) समुद्री सिद्धांत पेश किया है, 175 मिलियन डॉलर का सहायता पैकेज घोषित किया है और हिंद महासागर की अपनी रणनीति में सेशेल्स की भूमिका को बढ़ाया है।
आपको बता दें कि PM मोदी शनिवार को विक्टोरिया पहुंचे, जहां वे 'गेस्ट ऑफ ऑनर' के तौर पर देश के 'गोल्डन जुबली नेशनल डे' समारोह में शामिल होंगे और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ रक्षा, समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
अल्दाबरा विशाल कछुओं से मिले
अपने सेशेल्स दौरे के दौरान पीएम मोदी सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन पहुंचे। यहां उन्होंने एक पेड़ भी लगाया।
इसके अलावा प्रधानमंत्री अल्दाबरा विशाल कछुओं से मिले। PM ने एक्स पर लिखा, "सेशेल्स में पाई जाने वाली अल्दाबरा विशाल कछुआ (Aldabra Giant Tortoise) धरती की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में से एक है; इनमें से कुछ ने दो सदियों से भी ज्यादा का इतिहास देखा है।"
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उन्होंने लिखा, "अल्दाबरा जाइंट कछुए का भारत और सेशेल्स के बीच खास दोस्ती से भी संबंध है। 2014 में, इनमें से दो कछुए कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर को तोहफे में दिए गए थे। कुछ साल बाद, सेशेल्स ने हैदराबाद चिड़ियाघर को भी कुछ और कछुए तोहफे में दिए।"
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित जमीनी जानवर के तौर पर पहचाने जाने वाला जोनाथन भी अल्दाबरा जाइंट कछुए की ही एक उप-प्रजाति है। उसकी उम्र लगभग 194 साल है और उसका जन्म 1832 के आसपास हुआ था।
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क्यों खास है ये दौरा?
- इस दौरे की एक मुख्य बात सेशेल्स को भारत में बने पेट्रोल जहाज का सौंपा जाना होगा, जिसका मकसद इस द्विपीय देश की समुद्री निगरानी और सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाना है। भारत का रक्षा दल और भारतीय नौसेना के दो जहाज भी नेशनल डे के समारोह में हिस्सा लेंगे, जो दोनों देशों के बीच मजबूत सैन्य संबंधों का संकेत है।
- भारत सेशेल्स के लिए विकास का एक अहम साझेदार रहा है। बातचीत में इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक हाउसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और क्षमता निर्माण से जुड़े मौजूदा और नए प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहने की उम्मीद है। व्यापार को बढ़ावा देना भी एक प्राथमिकता है।
- इंडो-पैसिफिक में बढ़ते जियोपॉलिटिकल कॉम्पिटिशन के दौर में, इस दौरे को भारत के 'सागर' विजन को फिर से पुख्ता करने के तौर पर देखा जा रहा है।