PM Modi Address To Nation: 'सभी माताओं-बहनों से मैं क्षमाप्रार्थी हूं', राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने ऐसा क्यों कहा?
राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। मैं इसके लिए देश की सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। मैं इसके लिए देश की सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को महिला आरक्षण बिल के पास न हो पाने को लेकर विपक्षी पार्टियों की आलोचना की और उन पर जनहित से ऊपर राजनीति को रखने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “विपक्षी पार्टियों की संकीर्ण और स्वार्थी राजनीति के कारण, हमारे देश की माताओं और बहनों को इसके परिणाम भुगतने पड़े।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी समूहों ने बिल के हारने का जश्न मनाया, और कहा, "जब बिल गिर गया, तो ये वंशवादी पार्टियां तालियां बजा रही थीं।"
PM मोदी ने क्या कहा?
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैं अपनी बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं। आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में पास नहीं हो पाया। मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।
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उन्होंने आगे कहा, हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है। लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दलहित सब कुछ हो जाता है, दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है तो नारी शक्ति को, देशहित को... इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।
'नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती'
प्रधानमंत्री ने कहा कि नारी सब भूल जाती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। इसलिए संसद में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के व्यवहार की कसक हर नारी के मन में हमेशा रहेगी। संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन का जिन भी दलों ने विरोध किया है, वे लोग नारी शक्ति को for granted ले रहे हैं।