संविधान की 75 साल की यात्रा यादगार, भारत लोकतंत्र की जननी है- संसद में बोले PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि 75 साल की ये उपलब्धि साधारण नहीं है। ये हमारे लिए गौरवशाली पल है।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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75 years of the Constitution: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि 75 साल की ये उपलब्धि साधारण नहीं है। ये हमारे लिए गौरवशाली पल है। इस उपलब्धि के लिए मैं संविधान निर्माताओं के साथ देश के कोटि-कोटि नागरिकों को नमन करता हूं। संविधान निर्माताओं की जो अपेक्षाएं थीं उन पर भारत का नागरिक खरा उतरा है।
संविधान निर्माता इस बात पर बहुत सजग थे वो भारत के जन्म को 1947 में नहीं मानते थे वो नहीं मानते थे की भारत में लोकतंत्र 1950 से आ रहा है। वो मानते थे भारत की विरासत को और वो सजग थे उनको उस बात का पूरा ध्यान था। भारत का लोकतंत्र और अतीत बहुत ही समृद्ध रहा है। भारत का अतीत विश्व के लिए प्रेरक रहा है इसलिए भारत आज मदर ऑफ डेमोक्रेसी के रूप में जाना जाता है। हम सिर्फ लार्जेस्ट डेमोक्रेसी नहीं हैं बल्कि हम मदर ऑफ डेमोक्रेसी हैं।
हमने वीमेन लेड डेवेलपमेंट के विचार को आगे रखा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में हमारे लिए गर्व की बात है की दुनिया के कई देश आज़ाद भी हुए और संविधान भी बना लेकिन महिलाओं को अधिकार देने में दशकों बीत गए लेकिन हमारे यहां शुरुआत से को वोट का अधिकार दिया गया। जब G20 सम्मिट हुआ हमने संविधान की भावना को बढ़ाते हुए वीमेन लेड डेवेलपमेंट के विचार को आगे रखा।
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हर बड़ी योजना के केंद्र में महिलाएं होती हैं- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी सांसदों ने एक स्वर से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करके भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाये। हर बड़ी योजना के केंद्र में महिलाएं होती हैं। ये भी संयोग है की 75 वर्ष जब हम मना रहे हैं, तो राष्ट्रपति एक आदिवासी महिला हैं। इस सदन में भी महिला सांसदों की संख्या बढ़ रही हैं मंत्रिपरिषद में भी उनका स्थान बढ़ रहा है।