Rishikesh Travel Itinerary 2 Days: पहली बार जा रहे हैं ऋषिकेश, तो कम बजट में ऐसे प्लान करें अपनी शानदार यात्रा
Rishikesh Travel Itinerary 2 Days: अगर आप पहली बार ऋषिकेश की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो 2 दिन का समय इस 'योग नगरी' को महसूस करने के लिए पर्याप्त समय है। आप कम बजट में एक यादगार ट्रिप कर सकते हैं। आइए आपको इस लेख में विस्तार से बताते हैं।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Rishikesh Travel Itinerary 2 Days: उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा ऋषिकेश, जिसे 'विश्व की योग राजधानी' भी कहा जाता है, हर यात्री के लिए एक सपनाजैसे होता है। चाहे आप शांति की तलाश में हों या रोमांच के शौकीन, ऋषिकेश में सबके लिए कुछ न कुछ है। अगर आप पहली बार यहां जा रहे हैं और बजट को लेकर थोड़े चिंतित हैं, तो यह 2 दिनों का परफेक्ट प्लान आपके काम आएगा। इसलिए इस लेख को ऋषिकेश जाने से पहले जान लें।
यात्रा की तैयारी और पहुंचना
कैसे पहुंचें - दिल्ली से ऋषिकेश के लिए सीधी बसें उपलब्ध हैं, जिनका किराया ₹300 से ₹800 के बीच है। ट्रेन से आप हरिद्वार तक आ सकते हैं और वहां से बस या शेयरिंग ऑटो ₹50-80 लेकर ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।
कहां ठहरें- कम बजट के लिए तपोवन या लक्ष्मण झूला क्षेत्र में होस्टल्स चुनें। यहां ₹400-600 में साफ-सुथरा बेड मिल जाता है।
पहले दिन कहां-कहां जाएं?
सुबह-लक्ष्मण झूला और राम झूला
अपनी सुबह की शुरुआत ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला और राम झूला से करें। गंगा के ऊपर बने इन झूलों पर टहलना और नीचे बहती शीतल नदी को देखना एक खास अनुभव है।
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दोपहर- नीर गढ़ वाटरफॉल
दोपहर में थोड़ा एडवेंचर चाहते हैं, तो नीर गढ़ झरने की ओर रुख करें। लक्ष्मण झूला से यह लगभग 3-4 किमी दूर है। यहां का एंट्री टिकट मात्र ₹30-50 है। झरने के ठंडे पानी में नहाने के बाद पास के स्टॉल पर पहाड़ी मैगी का आनंद लेना न भूलें।
शाम- त्रिवेणी घाट की गंगा आरती
ऋषिकेश की यात्रा त्रिवेणी घाट पर होने वाली संध्या आरती के बिना अधूरी है। मंत्रों के उच्चारण और हजारों दीयों की रोशनी के बीच गंगा मैया की आरती देखना आपकी रूह को सुकून देगा।
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दूसरे दिन कहां-कहां जाएं?
सुबह- रिवर राफ्टिंग
दूसरे दिन की शुरुआत रोमांच के साथ करें। ब्रह्मपुरी या शिवपुरी से राफ्टिंग शुरू करें। इसका खर्च ₹600 से ₹1000 के बीच आता है। गंगा की लहरों से टकराना आपके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक होगा।
दोपहर- बीटल्स आश्रम
राफ्टिंग के बाद चौरासी कुटिया यानी बीटल्स आश्रम जाएं। 1968 में मशहूर बैंड 'बीटल्स' यहां ध्यान लगाने आया था। यहां की दीवारों पर बनी शानदार ग्राफिटी और शांति आपको अच्छा लगेगा।
शाम- कैफे करें एक्सप्लोर
ऋषिकेश अपने बेहतरीन कैफे के लिए मशहूर है। 'द बीटल्स कैफे' या 'छौ कैफे' में बैठकर गंगा किनारे सूर्यास्त देखते हुए अपनी यात्रा को विराम दें।
इन बजट टिप्स को जरूर करें फॉलो
शहर में घूमने के लिए टैक्सी के बजाय शेयरिंग ऑटो का इस्तेमाल करें।
स्थानीय ढाबों या आश्रमों के भंडारे में भोजन करें, जो किफायती होता है।
अगर संभव हो तो मार्च से मई के पीक सीजन के बजाय फरवरी या अक्टूबर-नवंबर में जाएं, तब स्टे सस्ता मिलता है।