Mango Murabba Recipe: दादी-नानी वाले स्वाद के साथ बनाएं कच्ची कैरी का मुरब्बा, नोट करें आसान रेसिपी
Mango Murabba Recipe: गर्मियों की शुरुआत हो और घर में आम के मुरब्बे की खुशबू न महके, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। 'आम का मुरब्बा' महज़ एक रेसिपी नहीं, बल्कि बचपन की यादों का एक हिस्सा है। आज के इस भागदौड़ भरे समय में हम अक्सर वही दादी-नानी वाला स्वाद मिस करते हैं। आइए हम आपको इस लेख में आपको उसी हाथ के स्वाद को बनाने के बारे में बताएंगे।
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Mango Murabba Recipe: गर्मियों की शुरुआत होते ही किचन से हींग, मेथी और सौंफ की उठने वाली खुशबू हमें बचपन की याद दिला देती है। अक्सर हम उन दिनों को सबसे ज्यादा याद करते हैं, जब दानी-नानी हमारे लिए कच्चे आम का मुरब्बा बनाया करती थी। कांच की बरनियों में धूप में पकता हुआ वह सुनहरा, रसीला मुरब्बा पराठे या पूरी के साथ मिल जाए, तो खाने का जायका दोगुना हो जाता है।
आजकल बाजार में कई प्रिजर्वेटिव वाले मुरब्बे मिलते हैं, लेकिन जो बात घर के बने शुद्ध मुरब्बे में है, वो कहीं और नहीं। अगर आप भी वही स्वाद वापस पाना चाहते हैं, तो हम आपको इस लेख में कच्चे आम के मुरब्बा बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे।
कच्चे आम का मुरब्बा बनाने के लिए सामग्री
- कच्ची कैरी
- चीनी
- इलायची पाउडर
- केसर के धागे
- दालचीनी का टुकड़ा
- नमक
कच्चे आम का मुरब्बा किस तरह बनाएं?
- सबसे पहले कच्चे आमों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें। अब इनका छिलका उतारें और अपनी पसंद के अनुसार लंबे स्लाइस या छोटे टुकड़ों में काट लें। आप चाहें तो इन्हें कद्दूकस भी कर सकते हैं।
- एक भारी तले वाली कड़ाही या पतीले में आम के टुकड़ों और चीनी को मिला दें। इसे 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे चीनी अपना पानी छोड़ देगी और आम थोड़े नरम हो जाएंगे।
- अब गैस को धीमी आंच पर चालू करें। इसमें दालचीनी का टुकड़ा डाल दें। इसे तब तक पकाएं जब तक चीनी पूरी तरह पिघल न जाए और एक गाढ़ी चाशनी न बन जाए। ध्यान रहे, आंच तेज न करें वरना चीनी जल सकती है और मुरब्बा सख्त हो जाएगा।
- जब चाशनी एक तार की बनने लगे, तो समझ लीजिए कि मुरब्बा तैयार है। इसी समय इसमें इलायची पाउडर और केसर डाल दें। केसर से इसमें एक बेहतरीन खुशबू और शाही रंग आता है।
- जब मुरब्बा पूरी तरह ठंडा हो जाए तो इसे साफ और सूखे कांच के जार में भरकर रख लें।
- मुरब्बा निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। नमी लगने से इसमें फफूंद लग सकती है।
- आप अगर मुरब्बा बना रहे हैं तो हमेशा स्टील या पीतल के बर्तन का ही इस्तेमाल करें। एल्युमिनियम के बर्तनों से बचें।
- अगर आप इसे लंबे तक चलाना चाहते हैं को आप इसे जार में भरकर 2-3 दिन तक हल्दी धूप दिखाएं। इससे चाशनी और गाढ़ी हो जाती है।