Developmental Dysplasia DDH Symptoms: क्या है डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया? जानें क्यों वरुण धवन की बेटी को हो रही है चलने में परेशानी; जानें

Developmental Dysplasia DDH Symptoms: आसान भाषा में कहें तो DDH कूल्हे की एक ऐसी बनावट संबंधी समस्या है, जिसमें बच्चे के कूल्हे की हड्डी अपनी सही जगह पर नहीं बैठती है। आमतौर पर कूल्हे का जोड़ 'बॉल और सॉकेट' जैसा होता है। DDH की स्थिति में यह सॉकेट इतना गहरा नहीं होता कि हड्डी की बॉल को सही से पकड़ सके, जिससे जोड़ ढीला हो जाता है या अपनी जगह से खिसक जाता है।

Developmental Dysplasia DDH Symptoms
Developmental Dysplasia DDH Symptoms | Image: Instagram

Developmental Dysplasia DDH Symptoms: हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने अपनी बेटी लारा के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसने कई माता-पिता को चिंता और सोच में डाल दिया है। वरुण ने बताया कि उनकी बेटी को डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ हिप (DDH) नाम की समस्या डायग्नोज हुई है। इसी कारण लारा को चलने और दौड़ने में कठिनाई हो रही थी। यह खबर सामने आने के बाद DDH को लेकर काफी चर्चा हो रही है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर यह समस्या क्या है और बच्चों की सेहत के लिए यह कितनी गंभीर हो सकती है।

डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया (DDH) क्या है?

DDH कूल्हे के जोड़ (Hip Joint) से जुड़ी एक जन्मजात या विकास संबंधी स्थिति है। सामान्य शरीर में, जांघ की हड्डी का ऊपरी हिस्सा (Ball) कूल्हे के सॉकेट (Socket) में पूरी तरह फिट होता है। लेकिन DDH की स्थिति में यह सॉकेट सही से विकसित नहीं हो पाता, जिससे हड्डी ढीली रहती है या अपनी जगह से पूरी तरह खिसक (Dislocate) जाती है। यह समस्या जन्म के समय भी हो सकती है या बच्चे के विकास के शुरुआती वर्षों में सामने आ सकती है।

वरुण धवन की बेटी और चलने में परेशानी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वरुण और नताशा दलाल की बेटी लारा को शुरुआत में चलने-फिरने में संतुलन बनाने में दिक्कत आ रही थी। छोटे बच्चों में अक्सर यह समस्या तुरंत पकड़ में नहीं आती क्योंकि वे धीरे-धीरे चलना सीखते हैं। कई बार माता-पिता इसे सामान्य देरी समझ लेते हैं, लेकिन मेडिकल जांच के बाद ही असल कारण का पता चलता है। वरुण की बेटी का मामला इस बात की ओर इशारा करता है कि बच्चों के शुरुआती शारीरिक विकास पर बारीकी से नजर रखना कितना जरूरी है।

DDH के मुख्य लक्षण को कैसे पहचानें? 

एक पैर दूसरे से छोटा दिखाई देना।
कूल्हे या जांघों के आसपास की स्किन की क्रीज का एक समान न होना।
बच्चा जब चलता है, तो वह एक तरफ झुक सकता है या 'बत्तख की तरह' चल सकता है।
डायपर बदलते समय पैर बाहर की तरफ पूरी तरह न फैल पाना।
बच्चा अपनी सामान्य उम्र के बाद भी चलने में असमर्थ होना।

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DDH की स्थिति कैसी होती है? 

गर्भ में बच्चे का 'ब्रीच' (पैर नीचे की ओर) पोजीशन में होना।
यदि परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही हो।
लड़कों की तुलना में लड़कियों में DDH होने की संभावना अधिक होती है।
पहली गर्भावस्था में गर्भाशय में जगह कम होने के कारण भी कूल्हे पर दबाव पड़ सकता है।

इलाज और रिकवरी का प्रोसेस क्या है? 

अच्छी खबर यह है कि DDH का इलाज संभव है। यदि इसका पता शुरुआती 6 महीनों में चल जाए, तो इसे पावलिक हार्नेस या विशेष ब्रेस की मदद से ठीक किया जा सकता है। यह हड्डी को सही जगह पर सेट करने में मदद करता है। यदि मामला गंभीर हो या पहचान देरी से हो, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं।  REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

Published By :
Aarya Pandey
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