शेफाली जरीवाला को दिल ने दिया धोखा! चलते-फिरते लोग क्यों हो रहे Cardiac Attack का शिकार? जान बचानी है तो जान लें
Shefali Jariwala Death: 'कांटा लगा सॉन्ग' से लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का महज 42 साल की उम्र में निधन हो गया। पिछले कुछ सालों से भारत में लगातार कार्डियक अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों चलते फिरते लोगों का दिल धोखा दे रहा है।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Shefali Jariwala Death News: 'कांटा लगा सॉन्ग' से लाखों लोगों के दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का महज 42 साल की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्ट की मानें तो शेफाली की मौत की वजह कार्डियक अटैक बताई जा रही है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उनकी मौत की असली वजह का खुलासा होगा। शेफाली जरीवाला के निधन के बाद एक बार फिर युवाओं को डर सताने लगा है।
डर इस बात का है कि जब इतने फिट और हेल्दी लाइफ जीने वाले कलाकार दिल की बीमारी का शिकार हो रहे हैं तो फिर वो कैसे सुरक्षित रहें? शेफाली जरीवाला महज 42 साल की थीं और बिल्कुल फिट थीं। पिछले कुछ सालों से भारत में लगातार कार्डियक अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि आखिर क्यों चलते फिरते लोगों का दिल धोखा दे रहा है।
हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है ये संकेत
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आम लक्षणों में ये शामिल हैं:
- अचानक बेहोश हो जाना
- सांस लेने में दिक्कत
- हांफना
- नाड़ी न चलना या बहुत कमज़ोर नाड़ी
- सीने में दर्द या बेचैनी
- चक्कर आना या हल्का सिरदर्द
- अचानक भ्रम या मानसिक स्थिति में बदलाव
अगर किसी को ये लक्षण महसूस होते हैं, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए और शुरुआत में इसका उपचार करना जरूरी है। कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बहुत जरूरी है।
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भारत में बढ़ रहे कार्डियक अटैक के मामले
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि भारत में हर साल 700,000 से ज्यादा लोग दिल की बीमारी के कारण मरते हैं, और बचने की दर 10% से भी कम है। यह कम बचने की दर मुख्य रूप से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में देरी और आम लोगों में बुनियादी जीवन समर्थन ज्ञान की कमी के कारण है।
युवा वयस्कों में हार्ट कार्डियक अटैक की दर: भारत में युवा वयस्कों में कार्डियक अटैक की दर दुनिया में सबसे अधिक है, जहां 5 में से एक हृदयाघात 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में होता है। यह प्रवृत्ति प्रारंभिक जांच और जीवनशैली में बदलाव की जरूरत को उजागर करती है।
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- मृत्यु दर: भारत में हर साल लगभग 1 लाख लोगों में से 4,280 लोग अचानक दिल का दौरा पड़ने से से मरते हैं।
- हार्ट अटैक से मौतें: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2022 में हार्ट अटैक से 32,457 लोगों की मौत हुई, जो 2021 से 12.5% अधिक है।
-वैश्विक तुलना: भारत में वैश्विक हार्ट अटैक से होने वाली मौतों का 20% हिस्सा है, जिसमें लगभग 90 मिलियन भारतीय हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित हैं। भारत में हृदय संबंधी बीमारियों से मृत्यु दर प्रति 100,000 लोगों पर 272 है, जो वैश्विक औसत 235 से अधिक है।