Multigrain Atta vs Single Grain: मल्टीग्रेन और गेहूं के आटे में कौन सेहत के लिए अच्छा? कैसे करें इस्तेमाल

Multigrain Atta vs Single Grain: मल्टीग्रेन आटा और गेहूं का आटा दोनों की ही रोटियां आज-कल के लोग बनाकर खाते हैं। लेकिन सेहत के लिए कौन सा आटा फायदेमंद है? आइए आपको बताते हैं।

Multigrain Atta vs Single Grain
Multigrain Atta vs Single Grain | Image: Meta AI

Multigrain Atta vs Single Grain: आजकल महंगाई के चलते हर कोई अपनी हेल्थ पर पूरा ध्यान रखना चाहता है। ऐसे में लोगों मल्टीग्रेन आटे को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। ये आटा बॉडी को पोषक तत्व देता है। इसके साथ ही पाचन को भी बेहतर करता है। ऐसे में सिंगल आटा सेहत के लिए फायदेमंद है या नहीं आइए जानते हैं दोनों आटे में क्या है अंतर?

क्या होता है मल्टीग्रेन आटा?

मल्टीग्रेन आटा सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे एक से ज्यादा अनाज जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी, चना और ओट्स को मिक्स करके बनाते हैं। यह हमारी हेल्थ के हेल्दी रखता है। इसके साथ ही काफी पौष्टिक माना जाता है।

क्या होता है सिंगल ग्रेन आटा?

सिंगल ग्रेन आटे को सिर्फ एक ही अनाज को पीसकर बनाया जाता है। जैसे इसे गेहूं से बनाया जाता है। इसमें भी पोषण होता है लेकिन मल्टीग्रेन की तुलना से कम ही रहता है।

कौन से आटे में क्या पाया जाता है?

मल्टीग्रेन आटे की बात करें तो इसमें गेहूं के आटे की तुलना में प्रोटीन, फाइबर और भी पोषक तत्व ज्यादा ही होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं। ज्यादा फाइबर कंटेंट आंत के स्वास्थ्य को सुधारता है और डाइजेशन को बेहतर बनाता है, साथ ही कब्ज की समस्या को दूर करता है। मल्टीग्रेन आटे में ज्वार, बाजरा और रागी जैसे अनाज पाए जाते हैं, जो ग्लूटेन-फ्री होते हैं जिससे भूख कम लगती है। इस तरह से वजन घटाने में भी कारगर होता है। बाजरा और रागी जैसे अनाज खाने से शरीर के किसी भी बॉडी पार्ट में सूजन जैसे समस्याएं नहीं होती हैं।

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कौन से आटा सेहत के लिए है फायदेमंद?

वैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ के मुताबिक एक्सपर्ट्स का कहना है कि मल्टीग्रेन आटे को खाने से डाइट बैलेंस रहती है। ये बॉडी को भी लंबे समय तक हेल्दी बनाकर रखता है। अगर आपको वजन घटाना है, डाइजेशन में सुधार करना है और बैलेंस डाइट रखनी है, तो मल्टीग्रेन आटा आपके लिए बेहतर होगा। लेकिन हमेशा अपनी डाइट में मल्टीग्रेन आटे को शामिल करना भी कहीं न कहीं नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए आप अपने रूटीन में गेहूं या अन्य अनाज के सिंगल आटे को भी शामिल करें।

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Published By :
Kirti Soni
पब्लिश्ड