Eating Sprouts Risk: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
Eating Sprouts Risk: आज के दौर में हेल्थ कॉन्शियस लोग अपनी डाइट में स्प्राउट्स को 'सुपरफूड' मानकर शामिल करते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन्स की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन और एनर्जी के लिए बेहतरीन है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरा सी लापरवाही इस सेहतमंद डाइट को आपके लिए बीमारी का सबक बना सकती है?
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Eating Sprouts Risk: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में 'हेल्थ कॉन्शियस' होना अच्छी बात है और जब बात हेल्दी डाइट की आती है, तो स्प्राउट्स का नाम सबसे ऊपर आता है। प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर स्प्राउट्स को अक्सर 'सुपरफूड' माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस स्प्राउट्स को आप सेहत बनाने के लिए खा रहे हैं, वही आपको अस्पताल भी पहुंचा सकता है?
अगर स्प्राउट्स को सही तरीके से न खाया जाए, तो यह पाचन और इंफेक्शन से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। आइए जानते हैं स्प्राउट्स से जुड़े जोखिम और सावधानी बरतने के तरीके क्या है?
स्प्राउट्स से क्यों हो सकता है नुकसान?
अंकुरित अनाज के साथ सबसे बड़ी चुनौती बैक्टीरियल इंफेक्शन है। अनाज को अंकुरित करने के लिए उसे लंबे समय तक नमी और गर्म वातावरण में रखा जाता है। ये बैक्टीरिया फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं, जिससे पेट में ऐंठन, दस्त, उल्टी और तेज बुखार हो सकता है।
खाने से पहले इन बातों का रखें विशेष ध्यान
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही स्प्राउट्स को कच्चा खाने के बजाय हल्का पकाकर खाने की सलाह देते हैं। भाप में पकाने से इसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और यह पचने में भी आसान हो जाता है।
अनाज को भिगोने से पहले और अंकुरित होने के बाद साफ पानी से अच्छी तरह धोएं। गंदे हाथों या दूषित पानी से बैक्टीरिया का खतरा और बढ़ जाता है।
अगर स्प्राउट्स से चिपचिपाहट महसूस हो रही हो या उनसे अजीब सी गंध आ रही हो, तो उन्हें तुरंत फेंक दें। यह खराब होने के संकेत हैं।
स्प्राउट्स को हमेशा फ्रिज में रखें। बाहर रखने पर नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से मल्टीप्लाई होते हैं। इन्हें 2-3 दिनों से ज्यादा स्टोर न करें।
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किसे नहीं खाने चाहिए स्प्राउट्स?
बुजुर्ग, बच्चे और गर्भवती महिलाओं को कच्चे स्प्राउट्स का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। संक्रमण की स्थिति में उनका शरीर इन बैक्टीरिया से लड़ नहीं पाता है।
जिन्हें अक्सर गैस, ब्लोटिंग या अपच की समस्या रहती है, उन्हें कच्चे स्प्राउट्स खाने से बचना चाहिए क्योंकि अंकुरित अनाज में जटिल फाइबर होते हैं जिन्हें पचाना मुश्किल हो सकता है।
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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं। REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।