Malaria Vaccine: भारत को मिली बड़ी सफलता, मलेरिया का निकाला काट, वैक्सीन तैयार; अब ICMR की निजी कंपनी के साथ डील की तैयारी

Malaria Vaccine: भारतीय वैज्ञानिकों ने मलेरिया रोग के खिलाफ पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार की है। यह वैक्सीन न सिर्फ मलेरिया से ग्रस्त रोगी को ठीक करेगी बल्कि ये इस रोग के संक्रमण को फैलने पर भी रोक लगाने में सक्षम है। यह टीका शरीर में मलेरिया के संक्रमण के खिलाफ मजबूत एंटीबॉडी तैयार करता है।

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Malaria Vaccine: भारत को मिली बड़ी सफलता, मलेरिया का निकाला काट, वैक्सीन तैयार; अब ICMR की निजी कंपनी के साथ डील की तैयारी | Image: Instagram

Malaria Vaccine In India: मई और जून की तपती गर्मियों के बाद आने वाली बारिश कितनी सुहावनी होती है ये तो हर किसी को पता है। ऐसा लगता है कि मानों दुनिया के हर प्राणी को बरसात के मौसम का इंतजार था। बरसात का मौसम आते ही एक ओर जहां मौसम सुहावना होता है वहीं पूरे देश में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है। इन बीमारियों के कारण हर साल हजारों लोग संक्रमित होते हैं और कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है, लेकिन अब इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद दिखाई दे रही है। भारतीय वैज्ञानिकों ने मलेरिया के खिलाफ देश की पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर ली है, जिससे इस रोग के नियंत्रण में बड़ी सफलता मिल सकती है।

अब भारत में मलेरिया और डेंगू से होने वाली मौतों से निजात मिल जाएगी। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और भुवनेश्वर स्थित क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (RMRC) के वैज्ञानिकों का दावा है। इन वैज्ञानिकों ने भारत के लिए डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों के लिए वैक्सीन तैयार कर ली है।


क्या है वैक्सीन का नाम?

इस वैक्सीन को एडफाल्सीवैक्स (AdVa-FalciVax) नाम दिया गया है। यह न केवल संक्रमण को रोकने में सक्षम है, बल्कि मलेरिया के प्रसार को भी नियंत्रित करने में कारगर साबित हो सकता है। ICMR ने वैक्सीन के उत्पादन के लिए निजी कंपनियों से साझेदारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिषद का कहना है कि यह खोज पूरी तरह से स्वदेशी है और देश में मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में एक मील का पत्थर साबित होगी।

कितनी असरदार है यह वैक्सीन?

ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने जानकारी दी कि वर्तमान में उपलब्ध मलेरिया के दो टीकों की कीमत लगभग ₹800 प्रति डोज है और उनकी प्रभावशीलता 33 से 67 प्रतिशत के बीच है। लेकिन यह नई वैक्सीन न केवल अधिक प्रभावी मानी जा रही है, बल्कि इसकी लागत भी कम हो सकती है, जिससे यह आम लोगों की पहुंच में आएगी।

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कैसे काम करती है यह वैक्सीन?

यह टीका शरीर में मलेरिया के संक्रमण के खिलाफ मजबूत एंटीबॉडी तैयार करता है। अभी तक इसका प्री-क्लिनिकल वैलिडेशन पूरा किया जा चुका है, जो कि नई दिल्ली स्थित नेशनल मलेरिया रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इम्यूनोलॉजी (NII) के सहयोग से किया गया। RMRC के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुशील सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया, 'यह वैक्सीन मलेरिया संक्रमण को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है और आने वाले समय में इसके क्लिनिकल ट्रायल्स के बाद यह आम लोगों के लिए उपलब्ध कराई जा सकती है।'

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Published By :
Ravindra Singh
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