पूजा के दौरान डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है किडनी की मुश्किलें, अपनाएं डॉक्टर के ये आसान टिप्स
पूजा की रातों और पंडालों में घूमते समय डिहाइड्रेशन आपकी किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है। त्योहारों के उत्साह, डांस और पसीने के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाती है, जिससे किडनी तक रक्त प्रवाह घटता है।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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पूजा का उत्सव यानी जगमगाते पंडाल, देर रात तक घूमना, स्वादिष्ट पकवान और झूमते कदम। इस भक्ति और आनंद के माहौल में हम अक्सर एक सबसे चीज भूल जाते हैं पर्याप्त पानी पीना। पंडालों की भीड़ और उमस में लगातार चलने व नाचने से शरीर से तेज़ी से पसीना निकलता है। यदि इस दौरान पानी न पिया जाए, तो डिहाइड्रेशन का सीधा असर आपकी किडनी पर पड़ता है।
डिहाइड्रेशन और किडनी पर इसका दबाव
फोर्टिस अस्पताल के डॉ. योगेश कुमार के अनुसार हमारी किडनी दिन-रात शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो किडनी तक रक्त का प्रवाह घटने लगता है। इसका नतीजा यह होता है कि पेशाब अत्यधिक गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी स्टोन बनने का जोखिम बढ़ जाता है।
गंभीर या लंबे समय तक रहने वाले डिहाइड्रेशन से एक्यूट किडनी इंजरी अचानक किडनी का खराब होना भी हो सकती है। इसलिए त्योहार के उत्साह में शरीर के अंदरूनी तंत्र की अनदेखी भारी पड़ सकती है।
पूजा उत्सव के दौरान किडनी की देखभाल के उपाय
केवल प्यास लगने का इंतज़ार न करें, बल्कि हर थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
पंडाल घूमते समय अपने साथ रिफिलेबल पानी की बोतल रखना न भूलें।
डाइट में तरबूज, संतरा, खीरा जैसे रसीले फल शामिल करें ताकि शरीर में तरल पदार्थ बने रहें।
अत्यधिक चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स या एल्कोहल से बचें, क्योंकि ये शरीर में डिहाइड्रेशन को और बढ़ाते हैं।
गहरा पीला पेशाब, चक्कर आना, मुंह सूखना या कम पेशाब आना डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं। ऐसा महसूस होने पर तुरंत आराम करें और पानी पिएं।