अपडेटेड 4 February 2026 at 19:05 IST
Manipur New CM Yumnam Khemchand: एक साल बाद मणिपुर में बनी नई सरकार, कौन हैं वाई खेमचंद? जिन्होंने ली प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ
बीजेपी मणिपुर लेजिस्लेचर पार्टी के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें शपथ दिलाई।
- भारत
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मणिपुर में करीब एक साल बाद नई सरकार का गठन हो गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने आज, 4 फरवरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। इंफाल के लोक भवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें शपथ दिलाई। इससे पहले गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की।
हिंसा प्रभावित मणिपुर में अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद आज, 4 फरवरी को करीब एक साल बाद प्रदेश से राष्ट्रपति शासन हटा दिया गया। इसके बाद नए सीएम का शपथ ग्रहण हुआ। बुधवार को बीजेपी मणिपुर लेजिस्लेचर पार्टी के नेता युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली।
युमनाम खेमचंद सिंह ने बने मणिपुर के CM
युमनाम खेमचंद सिंह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वहीं, प्रदेश को आज दो उपमुख्यमंत्री भी मिला। कुकी से भाजपा विधायक नेमचा किपगेन ने वर्चुअल माध्यम से मणिपुर के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इनके साथ ही नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक एल. डिखो ने भी मणिपुर के नए उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तमाम अटकलों के बीच मंगलवार को BJP ने युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना।
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर के नए CM?
युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति का एक प्रमुख चेहरा हैं जो मैतेई समुदाय से संबंध रखते हैं। BJP विधायक युमनाम खेमचंद सिंह, जो सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर (2017-2022) और एन बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। कैबिनेट मंत्री के तौर पर उनके पास नगर प्रशासन, आवास विकास, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे मंत्रालय थे।
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युमनाम खेमचंद सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशनरी पीपुल्स पार्टी (डीआरपीपी) के सदस्य के रूप में 2000 के दशक की शुरुआत में राजनीति में प्रवेश किया था। वो साल 2013 में औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गए थे। मार्च 2017 में सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए और बाद में मणिपुर विधानसभा के अघ्यक्ष बने। मार्च 2022 में, स्पीकर के रूप में सेवा करने के कुछ सालों बाद, उन्हें कैबिनेट में जगह मिली। जिसमें उन्हें शिक्षा और ग्रामीण विकास और पंचायती राज के पोर्टफोलियो सौंपेा गया।
मणिपुर में एक साल बाद हटा राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में बीते 3 मई 2023 से जारी मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के बाद राज्य में पहली बार नई सरकार का गठन हुआ। इस हिंसा में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने फरवरी 2025 में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। अब प्रदेश को नया सीएम मिल गया है।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 4 February 2026 at 18:31 IST