अपडेटेड 4 February 2026 at 18:07 IST
'बिना छपी किताब को लेकर संसद को बंधक बना लिया, उन 150 किताबों पर चर्चा हो, जिसमें गांधी-नेहरु परिवार के भ्रष्टाचार...', बोले निशिकांत दुबे
लोकसभा में बुधवार को बजट सत्र के दौरान उस समय भारी हंगामा मच गया, जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई किताबों का हवाला दिया।
- भारत
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लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को भी भारी हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के हंगामे की वजह सदन की कार्यवाही 4 बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे की वजह से प्रधानमंत्री मोदी का आज शाम 5 बजे होने वाले राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर संबोधन भी टल गया। आज की कार्यवाही के दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी कुछ किताबें और नोट्स को दिखाकर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद सदन में कांग्रेस के सांसदों ने भारी हंगामा शुरू कर दिया।
लोकसभा में बुधवार को बजट सत्र के दौरान उस समय भारी हंगामा मच गया, जब बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई किताबों का हवाला दिया। निशिकांत दुबे ने सदन में 'एडविना एंड नेहरू' सहित अन्य प्रकाशित किताबों का जिक्र करते हुए नेहरू-गांधी परिवार पर गंभीर आरोप लगाए, जिसका कांग्रेस के सांसदों ने भारी विरोध जताया।
मैंने सदन में उन किताबों पर चर्चा की जो छपी है- निशिकांत दुबे
सदन में नेहरू और गांधी परिवार को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर निशिकांत दुबे ने कहा, "मेरा स्पीकर साहब से आग्रह है और यही बात आज मैंने सदन में कही थी कि इन सभी किताबों पर चर्चा होनी चाहिए। सदन में राहुल गांधी द्वारा दिखाई गई किताब कहीं नहीं छपी है। ये सभी किताबें दिल्ली के बुक स्टोर में मौजूद हैं जो मैंने अभी दिखाई है।
सदन में हमेशा प्रामाणिक बातों पर ही चर्चा होती है- निशिकांत
करीब 150 किताबें ऐसी हैं जिन पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। हम उन किताबों का जिक्र कर रहे हैं जो कि प्रकाशित हैं। उन्होंने दावा किया कि ये किताबें दिल्ली के बुक स्टोर्स में उपलब्ध हैं और इनमें नेहरू के समय की घटनाओं, विभाजन और अन्य मुद्दों पर विवरण हैं। राहुल गांधी द्वारा सदन में दिखाई गई किताब (जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है) के विपरीत, उनकी बताई किताबें प्रामाणिक और प्रकाशित हैं। यह सदन है और सदन में हमेशा प्रामाणिक बातों पर ही चर्चा होती है। हम नियम, कानून और प्रक्रिया के साथ चलते हैं।
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हंगामे की वजह से सदन टला पीएम का संबोधन
बता दें कि विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। सुबह कार्यवाही 11 बजे शुरू हुई और मात्र 5 मिनट में हंगामे की वजह से स्थगित हो गया। इसके बाद 12 बजे हंगामा होने पर दोपहर 2 बजे तक और 2 बजे दोबारा शुरू होकर 8 मिनट में ही रुक गया। शाम 5 बजे फिर शुरू होने के बाद भी हंगामे के चलते लोकसभा को गुरुवार सुबह 11 बजे तक स्थगित करना पड़ा। अब पीएम मोदी का संबोधन कल हो सकता है।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 4 February 2026 at 18:07 IST