अमेरिका का VPN, 'पेपर माफिया' नाम से चैनल... री-NEET से 3 दिन पहले फर्जी पेपर बेचने वाला युवक गिरफ्तार, ऐसे रच रहा था खेल

आरोपी युवक आकाश 4 हजार रुपये में कथित री-NEET पेपर बेच रहा था। वह अभ्यर्थियों को टेलीग्राम पर संपर्क करता, उन्हें भरोसा दिलाता और फिर QR कोड भेजकर पैसे वसूलता।

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Youth Arrested from Bhilwara, Rajasthan
भीलवाड़ा से आकाश नाम का युवक गिरफ्तार | Image: Republic

Re-NEET 2026: 21 जून को री-नीट परीक्षा से महज तीन दिन पहले राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने फर्जी पेपर बेचने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। प्रताप नगर पुलिस ने पटेल नगर इलाके में छापेमारी कर 19 साल के आकाश चौधरी को पकड़ा है। आरोपी टेलीग्राम चैनल के जरिए अभ्यर्थियों को असली NEET और री-NEET प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर ठगी करने की तैयारी में था।

टेलीग्राम पर बनाया था चैनल

पुलिस के अनुसार, आकाश चौधरी मूल रूप से भीलवाड़ा का रहने वाला है। वह फिलहाल जयपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था।  उसने टेलीग्राम पर बकायदा ‘पेपर माफिया’ नाम से एक गुप्त चैनल बनाया था। जानकारी के अनुसार आरोपी ने अमेरिका के VPN और प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन एस-मेक पोर्टल और DST इनपुट की मदद से पुलिस ने उसका पता लगा लिया।

गुरुवार (18 जून) देर रात घर पर छापा मारकर पुलिस ने आकाश को हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल फोन, NEET की तैयारी संबंधी किताबें, फर्जी प्रश्नपत्र बनाने के डिजिटल सबूत और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।

ऐसे बुन रहा था ठगी का जाल

आरोपी आकाश चौधरी के पास कोई असली NEET या री-NEET प्रश्नपत्र बिल्कुल नहीं था। वह पूरी तरह से परीक्षार्थियों की परीक्षा संबंधी चिंता, दबाव और असुरक्षा का फायदा उठाते हुए एक बड़ा ठगी का जाल बुन रहा था। आकाश ने अपने घर के कमरे में रखी एक सामान्य NEET तैयारी गाइड बुक के पन्नों को अपने मोबाइल फोन से स्कैन कर लिया। इसके बाद कुछ सरल एडिटिंग एप्स और फॉर्मेटिंग टूल्स की मदद से उन पन्नों को इस कदर बनाया कि वे बिल्कुल असली लीक हुए प्रश्नपत्र जैसे दिखने लगे।

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बताया जा रहा है कि आकाश 4 हजार रुपये में कथित री-NEET पेपर बेच रहा था। वह अभ्यर्थियों को टेलीग्राम पर संपर्क करता, उन्हें भरोसा दिलाता और फिर QR कोड भेजकर पैसे वसूलता। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी 52 से ज्यादा अभ्यर्थियों के संपर्क में था।

फिलहाल पुलिस इस मामले की गहन छानबीन कर रही है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आकाश अकेला था या कोई बड़ा गिरोह इसके पीछे सक्रिय है। बरामद डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच भी चल रही है।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड