अब यादों में योग गुरु बाबा शिवानंद, 129 की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा; वाराणसी में ली आखिरी सांस
Yoga Guru Baba Shivanand: वाराणसी के प्रसिद्ध योग गुरु पद्मश्री स्वामी बाबा शिवानंद ने 129 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया।
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Yoga Guru Baba Shivanand: वाराणसी के प्रसिद्ध योग गुरु पद्मश्री स्वामी बाबा शिवानंद ने 129 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने शनिवार, 3 मई की रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर आखिरी सांस ली।
जानकारी के अनुसार, स्वामी बाबा शिवानंद पिछले तीन दिनों से BHU अस्पताल में भर्ती थे। वह सांस की तकलीफ से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनका पार्थिव शरीर गुर्गाकुंड स्थित आश्रम में उनके अनुनायियों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है, जिससे की दूर-दराज से आने वाले अनुयायी उन्हें अंतिम विदाई दे सकें। बताया जा रहा है कि सोमवार (5 मई) को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
योग, संयम और सादगी की मूरत थे बाबा शिवानंद
बाबा शिवानंद ने अपना पूरा जीवन योग और साधना में समर्पित किया। 129 साल के बाबा शिवानंद योग, संयम और सादगी की मूरत थे। दुनिया के सबसे बुजुर्ग इंसान माने जाने वाले बाबा की फुर्ती हर किसी को प्रेरित करती रही। हाल ही में यूपी के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में भी उनका शिविर लगा था। इस दौरान उन्होंने संगम में स्नान भी किया था। उनके शिष्यों की मानें तो, बाबा पिछले 100 सालों से प्रयागराज, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार में हर कुंभ में शामिल होते रहे।
पद्मश्री से नवाजे गए थे योग गुरु
साल 2022 में 128 विभूतियों को राष्ट्रपति के हाथों पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा चर्चा 126 साल के योग गुरु स्वामी शिवानंद बाबा की रही जो अवॉर्ड लेने के लिए नंगे पांव ही राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। उन्होंने सम्मान लेने से पहले नंदी मुद्रा में पीएम मोदी और फिर राष्ट्रपति कोविंद को प्रणाम किया था। इस उम्र में भी उन्होंने योग कला का प्रदर्शन कर दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा। बता दें कि वह पद्मश्री से सम्मानित होने वाले सबसे उम्रदराज शख्स रहे।
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जब योग गुरु ने बताया था सेहत का राज
एक रिपोर्ट के मुताबिक, वाराणसी के रहने वाले बाबा शिवानंद के पासपोर्ट और आधार कार्ड पर उनकी जन्मतिथि 8 अगस्त 1896 दर्ज है जिस आधार पर वो अब 129 साल के थे। एक बार जब स्वामी शिवानंद से उनके स्वास्थ्य का राज पूछा गया था तो उन्होंने इसके पीछे का राज 'इंद्रियों पर नियंत्रण, संतुलित दिनचर्या, सादा भोजन और योग' बताया था। रिपोर्ट में बताया गया कि बाबा शिवानंद का मूल मंत्र 'मिजाज कूल लाइफ ब्यूटीफुल' और 'नॉट ऑयल ओनली बॉयल' है। इसका मतलब है कि वह शांत नेचर के व्यक्ति हैं और बिना तेल वाला सादा खाना ही खाते हैं।
दूध और फल क्यों नहीं लेते थे?
उन्होंने बताया था कि 'वह सुबह 3 बजे ही उठ जाते हैं और रात 9 बजने से पहले सो जाते हैं’। रिपोर्ट में लिखा है कि ‘वह नाश्ते में लाई चूरा और दोपहर और रात के खाने में दाल रोटी और उबली हुई सब्जी खाते हैं।' उनका मानना था कि 'स्वस्थ रहने के लिए उबला हुआ खाना और कम तेल का खाना खाना चाहिए।' रिपोर्ट के अनुसार, बाबा शिवानंद दूध और फल नहीं खाते हैं क्योंकि उनका मानना था कि 'देश में बहुत से ऐसे गरीब हैं जिन्हें ये नसीब नहीं होता इसलिए वो भी ये नहीं खाएंगे।'