Terror Funding Case: अलगाववादी नेता यासीन मलिक खुद लड़ेगा अपना केस, दिल्ली HC ने दी अनुमति
यासीन मलिक ने बेंच से अपनी पैरवी खुद करने की मंशा जाहिर की, जिसे बेंच ने मंजूर कर लिया। कोर्ट ने यासीन मलिक से मामले में लिखित दलील को जमा करने को कहा है।
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आतंक के लिए फंडिंग मामले में दोषी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद के बजाय फांसी की सजा सुनाए जाने को लेकर एनआईए की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में शुक्रवार को एक नया मोड़ आया। दिल्ली हाई कोर्ट ने यासीन मलिक को अगली सुनवाई के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिग से जिरह करने की इजाजत दी।
यासीन मलिक ने बेंच से अपनी पैरवी खुद करने की मंशा जाहिर की, जिसे बेंच ने मंजूर कर लिया। कोर्ट ने यासीन मलिक से मामले में लिखित दलील को जमा करने को कहा है। दिल्ली हाई कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 15 सितम्बर को तीन बजे होगी।
एमिकस की नियुक्ति का सुझाव
कोर्ट ने यासीन मलिक के लिए एमिकस की नियुक्ति का सुझाव दिया, साथ ही यह भी सुझाव दिया कि यासीन मालिक अपनी तरफ से मामले में किसी वकील का नाम सुझा सकते है जो उनकी तरफ से जिरह करे। यासीन मलिक ने कोर्ट के दोनों सुझाव को मानने से इनकार किया। यासीन ने कहा कि वह खुद मामले की सुनवाई के दौरान VC से जिरह करेगा।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि यासीन मलिक अगर चाहे तो पिछले साल 4 अगस्त के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकता है। यासीन मलिक ने कहा वह सुप्रीम कोर्ट नहीं जाना चाहता है यहीं पर मामले में सुनवाई में जिरह करना चाहता है।