Nitin Gadkari राजनीति से लेंगे संन्यास? एक बयान से अटकलें तेज, कहा- मैं पिछले 30 साल से सार्वजनिक जीवन में काम कर रहा हूं, अब नई पीढ़ी...
केंद्रीय कैबिनेट के विस्तार और मंत्रियों के विभागों में बदलाव की अटकलें तेज हैं। इसी बीच परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान सामने आया है जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि गडकरी राजनीति से संन्यास ले सकते हैं।
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केंद्रीय कैबिनेट के विस्तार और मंत्रियों के विभागों में बदलाव की अटकलें तेज हैं। इसी बीच परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का एक बयान सामने आया है जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि गडकरी राजनीति से संन्यास ले सकते हैं। अब नागपुर के एक प्रोग्राम में भी उन्होंने इसी तरह की बात कही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में उनके रिटायरमेंट को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि वे पहले जितना काम नहीं कर पा रहे हैं और अब जिम्मेदारी नई पीढ़ी के हाथों में सौंप दी जानी चाहिए। नागपुर के 'एकलव्य एकल विद्यालय शिक्षक-पर्यवेक्षक प्रशिक्षण वर्ग' के कार्यक्रम में गडकरी ने यह बात कही। गडकरी के इस बयान के बाद महाराष्ट्र और केंद्र की राजनीति में कयास लगने शुरू हो गई है। बयान ऐसे समय में आया है जब राजनीतिक गलियारों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
बयान के तुरंत बाद करने लगे विकास कार्यों की चर्चा
गडकरी ने इसके तुरंत बाद विकास कार्यों की बात करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि आगे आने वाले समय में विकास का दायरा और बढ़ेगा। उनका लक्ष्य है कि महाराष्ट्र का कोई आदिवासी गांव बिजली से वंचित न रहे और राज्य में विकास साफ दिखाई दे।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान बीजेपी में बड़े संगठनात्मक बदलाव के कुछ दिनों बाद आया है। पिछले हफ्ते ही पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम बनी है। खास बात तो ये है कि 65 सदस्यों वाली इस टीम में 51 नए चेहरे हैं। इसे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था। 2015 में अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद इसे पार्टी के स्तर पर हुए सबसे बड़े बदलाव के रूप में दर्शाया जा रहा है। और अब नितिन गडकरी का यह बयान आगे और बड़े बदलाव का इशारा कर रहा है।
'न हाथी है, न घोड़ा है'
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गडकरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी बताया कि किस तरह से कोविड के बाद उनका डेली रूटीन और लाइफस्टाइल बदल गई है। उन्होंने कहा, 'पहले, पार्टी का काम करते समय मैं समोसे खा लेता था और कहीं भी सो जाता था। लेकिन कोरोना काल के बाद, मैं अनुशासित हो गया हूं और अब रोजाना बिना चूके योग करता हूं। अगर आपकी सेहत अच्छी नहीं है, तो सत्ता और पद का कोई फायदा नहीं है।' गडकरी ने कहा, 'सजन रे झूठ मत बोलो, न हाथी है न घोड़ा है... जिंदगी अनमोल है।'